Bihar Election 2025: दिल्ली दंगों के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में बंद शरजील इमाम ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत दिए जाने हेतु दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में याचिका दायर की है। शरजील इमाम को साल 2020 में दिल्ली दंगों के कथित मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
शरजील इमाम ने अदालत में तर्क रखा है कि चुनाव लड़ना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी याचिका में उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का भी हवाला दिया है, जब अमृतपाल सिंह और राशिद इंजीनियर ने जेल में रहते हुए ही चुनाव लड़ा और दोनों ही विजयी हुए। बता दें कि अमृतपाल सिंह को भी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था, और अब दोनों लोकसभा के सांसद हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, शरजील इमाम बिहार की बहादुरगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। फिलहाल, वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं और माना जा रहा है कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि चुनाव लड़ने के लिए जमानत दिया जाना अनिवार्य नहीं है, और पूर्व में भी कई नेता जेल से चुनाव लड़ते और जीतते रहे हैं।
कौन हैं शरजील इमाम और क्यों हुए थे गिरफ्तार?
शरजील इमाम, जो कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्र रहे हैं, को उनके एक भाषण के चलते गिरफ्तार किया गया था। यह वीडियो 16 जनवरी 2020 का बताया गया, जब वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भाषण दे रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को भारत के ‘चिकेन नेक कॉरिडोर’ (Chicken Neck Corridor) को ब्लॉक करने और पूर्वोत्तर भारत को बाकी देश से काट देने के लिए उकसाया था।
इसी भाषण के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उन पर आपराधिक साजिश, राजद्रोह और धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे। असम पुलिस ने भी उनके भाषणों के चलते UAPA के तहत केस दर्ज किया था। दिल्ली दंगों के कथित मास्टरमाइंड होने के आरोप में उन्हें फरवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था। शरजील इमाम JNU में मॉडर्न हिस्ट्री की पढ़ाई कर रहे थे और इससे पहले उन्होंने IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई भी की थी।
