औरंगाबाद: भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की गायिका पत्नी ज्योति सिंह के सोमवार को औरंगाबाद पहुंचने से यहां की राजनीति में खलबली मच गई। ज्योति के औरंगाबाद आने के बाद से उनके यहीं से विधानसभा चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस अटकलबाजी से संभावित उम्मीदवार, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के, अभी से ही चिंतित दिखाई दे रहे हैं। उन्हें विधानसभा में जाने की अपनी उम्मीदों पर पानी फिरने का डर सता रहा है।
पवन और ज्योति का औरंगाबाद व रोहतास जिले में गुप्त दौरा: यह उल्लेखनीय है कि पवन और ज्योति की स्टारडम का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। दोनों की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। दोनों में से कोई भी जहां जाता है, उनकी एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। इसी वजह से जब भी वे औरंगाबाद आते हैं, तो गुप्त रूप से आते हैं और चुपचाप ही वापस चले जाते हैं। मीडिया को भी उनके आने की कभी-कभार ही भनक लग पाती है। इसके बावजूद, जैसे ही लोगों को उनके आने की खबर मिलती है, वे बड़ी संख्या में उन्हें देखने और सुनने के लिए उमड़ पड़ते हैं।
औरंगाबाद में ज्योति का गुप्त आगमन: सोमवार को भी पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह चुपके से आईं और चुपके से चली गईं, लेकिन औरंगाबाद के राजनीतिक माहौल को गरमा गईं। यहां की राजनीतिक चर्चाओं में ज्योति सिंह के औरंगाबाद से ही विधानसभा चुनाव लड़ने की बातें तैरने लगीं। ज्योति का विधानसभा चुनाव लड़ना तो तय है, लेकिन अभी दल और सीट तय नहीं हुई है। पार्टी टिकट को लेकर कई प्रमुख दलों से बातचीत चल रही है।
औरंगाबाद से चुनाव लड़ने की चर्चा का कारण: यही वजह है कि औरंगाबाद और काराकाट लोकसभा क्षेत्र में ज्योति सिंह जहां भी जाती हैं, वहीं से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा जोर-शोर से होने लगती है। ज्योति के औरंगाबाद आने पर भी इसी तरह की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। अब इस चर्चा में कितनी सच्चाई है, यह तो विधानसभा चुनाव का समय आने पर ही पता चलेगा, लेकिन फिलहाल औरंगाबाद में ऐसी चर्चा शुरू हो गई है।
चर्चा के पीछे राजनीतिक उद्देश्य: वैसे, राजनीति के जानकार भी यह मानते हैं कि चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले बड़े सेलिब्रिटी चर्चा में बने रहने के लिए जानबूझकर किसी-किसी इलाके का दौरा कर ऐसे संकेत देते रहते हैं कि वे उसी इलाके से चुनाव लड़ सकते हैं, ताकि क्षेत्र में उनके नाम की चर्चा होती रहे और समय आने पर वे इसका राजनीतिक लाभ उठा सकें। माना जा रहा है कि ज्योति सिंह ने औरंगाबाद आकर चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा ही संकेत दिया है।
ज्योति के चुनाव लड़ने से औरंगाबाद बनेगी हॉट सीट: यदि वास्तव में ज्योति के औरंगाबाद से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा में दम है, तो यह सत्ता पक्ष और विपक्ष के दलों के टिकट चाहने वाले नेताओं के लिए चिंता का विषय है। यदि ज्योति सिंह औरंगाबाद से ही विधानसभा चुनाव लड़ती हैं, तो निश्चित रूप से यहां का चुनावी मुकाबला काराकाट के लोकसभा चुनाव जैसा रोचक और बेहद खर्चीला हो सकता है, और यह सीट भी काराकाट लोकसभा सीट जैसी हॉट सीट बन सकती है। इसके साथ ही, ज्योति के समर्थन में इलाके के भोजपुरी कलाकारों की फौज उतरती नजर आ सकती है।
अभी ज्योति ने पत्ते नहीं खोले: वैसे, ज्योति सिंह ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। बातचीत के दौरान ज्योति ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगी। अभी सीट और दल तय नहीं हुआ है। पार्टी टिकट को लेकर कई प्रमुख दलों से बातचीत चल रही है। समय आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
चर्चा को हम रोक नहीं सकते: किसी खास सीट से ही उनके चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो जाने के बारे में ज्योति ने कहा कि चर्चा वह नहीं कर रही हैं, बल्कि लोग कर रहे हैं। वह उन्हें चर्चा करने से कैसे रोक सकती हैं।
इस कारण औरंगाबाद आईं: औरंगाबाद आगमन के उद्देश्य के बारे में ज्योति सिंह ने कहा कि चूंकि उनके पति पवन सिंह ने काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जो औरंगाबाद और रोहतास दोनों जिलों में पड़ता है। उन्होंने चुनाव के दौरान दोनों ही जिलों के क्षेत्र में भरपूर भ्रमण किया है। इस दौरान इलाके के लोगों से उनके आत्मीय रिश्ते बन गए हैं। राजनीतिक कारणों और इन रिश्तों की वजह से ही वह और पवन सिंह लोगों के दुख-दर्द में शामिल होने औरंगाबाद और रोहतास दोनों ही जिलों में आते रहते हैं। औरंगाबाद के टिंकू टाइगर की इस क्षेत्र में एक अच्छे गायक के रूप में पहचान है। टिंकू के पिताजी का पिछले दिनों निधन हो गया था। उस वक्त वह व्यस्तताओं के कारण शोक संतप्त परिवार से मिलने नहीं आ सकी थीं। इसी वजह से वह टिंकू टाइगर के परिवारजनों से मिलने आई हैं। टिंकू टाइगर के घर आने का फिलहाल कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। यह जरूर है कि जब वह चुनाव लड़ेंगी तो टिंकू टाइगर का साथ अवश्य मिलेगा।
