Bharat Bandh Today: आज भारत बंद! ट्रेड यूनियनों और किसानों का हल्ला बोल, जानें आपके शहर में क्या खुला रहेगा और क्या बंद

Bharat Bandh Today: आज यानी 12 फरवरी 2026 को ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने मिलकर ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। सरकार की नई नीतियों और लेबर कोड के विरोध में बुलाए गए इस बंद से देश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है।

Bharat Bandh Today: आज, 12 फरवरी 2026 को देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया है। ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और कई सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है। बंद के चलते कई राज्यों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहां यूनियनों की पकड़ मजबूत मानी जाती है, जैसे केरल और ओडिशा।

इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नेतृत्व दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने किया है। इनमें एआईटीयूसी (AITUC), इंटक (INTUC), सीटू (CITU), एचएमएस (HMS), टीयूसीसी (TUCC), सेवा (SEWA), एआईयूटीयूसी (AIUTUC), एआईसीसीटीयू (AICCTU), एलपीएफ (LPF) और यूटीयूसी (UTUC) शामिल हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), कृषि मजदूर संगठनों, छात्र और युवा संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है। यूनियनों का दावा है कि इस बार करीब 30 करोड़ मजदूरों की भागीदारी हो सकती है और 600 से अधिक जिलों में बंद का असर देखने को मिल सकता है। इससे पहले 9 जुलाई 2025 को हुए प्रदर्शन में करीब 25 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया गया था।

हड़ताल की मुख्य वजह केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड हैं। यूनियनों का आरोप है कि ये कोड मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं, नौकरी की स्थिरता घटाते हैं और नियोक्ताओं को कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी में अधिक छूट देते हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट सीड बिल, बिजली संशोधन विधेयक, कथित शांति एक्ट, मनरेगा में कटौती, और ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी विरोध जताया गया है। यूनियनें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और नई शिक्षा नीति 2020 की समीक्षा या वापसी की मांग भी कर रही हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि इससे भारतीय बाजार सस्ते अमेरिकी आयात से भर सकता है, जिससे किसानों की आय और घरेलू कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा।

भारत बंद के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कार्यालय, राज्य परिवहन सेवाएं, कुछ सरकारी दफ्तर, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां, औद्योगिक इकाइयां और कोयला-इस्पात जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। कई स्थानों पर मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार कार्यों में भी रुकावट आ सकती है। हालांकि निजी कार्यालयों, आईटी कंपनियों, मेट्रो सेवाओं, अस्पतालों, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना है। रेल सेवाएं और अधिकांश स्कूल-कॉलेज भी खुले रहने की उम्मीद है, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार असर अलग-अलग हो सकता है।

सरकार की ओर से कहा गया है कि आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

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