Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में एक कथित विमान हादसे की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विमान मुंबई से उड़ान भरकर बारामती एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। इस दुर्घटना को लेकर कई एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
बताया जा रहा है कि विमान लैंडिंग के दौरान रनवे के थ्रेशोल्ड से कुछ दूरी पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि यह एयरपोर्ट की बाउंड्री के भीतर ही गिरा, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान कुछ ही पलों में आग की चपेट में आ गया। चश्मदीदों के अनुसार, विमान के ज़मीन से टकराते ही तेज धमाकों की आवाज़ सुनाई दी और चार से पांच बार विस्फोट जैसे हालात बने, जिससे आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।
सूत्रों के मुताबिक, विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें दो क्रू मेंबर, एक फ्लाइट अटेंडेंट और सुरक्षा से जुड़ा एक अधिकारी शामिल थे। हादसे के वक्त विमान दूसरे प्रयास में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, पहला प्रयास असफल रहने के बाद दूसरी बार लैंडिंग के दौरान विमान ने नियंत्रण खो दिया।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि क्रू और ग्राउंड कंट्रोल के बीच आखिरी क्षणों में संपर्क हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम बातचीत से संकेत मिलता है कि लैंडिंग के दौरान अचानक कोई गंभीर तकनीकी या परिस्थितिजन्य समस्या सामने आई।
बारामती एयरपोर्ट पर ग्राउंड कंट्रोल की जिम्मेदारी दो निजी एविएशन अकादमियों से जुड़े पायलट कैडेट्स के पास है। DGCA अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम, रनवे की स्थिति, मौसम और लैंडिंग फैसलों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। यह भी सामने आया है कि एयरपोर्ट पर आधुनिक लैंडिंग उपकरणों की सीमित उपलब्धता जांच के दायरे में है।
DGCA ने घटनास्थल से सभी तकनीकी डेटा, फ्लाइट रिकॉर्ड और वॉइस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर लिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
