Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनके बेटों ने चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम रस्में निभाईं। इस दुखद घड़ी में उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां समर्थकों ने “अजित दादा अमर रहे” के नारे लगाए। अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी और राकांपा प्रमुख शरद पवार सहित राजनीति और कला जगत की कई बड़ी हस्तियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अजित पवार, जिन्हें लोग प्यार से “अजित दादा” कहते थे, का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था। उनका राजनीतिक करियर बेहद प्रभावशाली और उतार-चढ़ाव भरा रहा। वह महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक (छह बार) उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे। उन्होंने सहकारी संस्थाओं, चीनी मिलों और बैंकों के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम किया और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी साफगोई और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर अजित पवार ने पृथ्वीराज चव्हाण से लेकर एकनाथ शिंदे तक, कई मुख्यमंत्रियों के साथ कैबिनेट में काम किया। उनके परिवार में पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं।
हादसे की जांच को लेकर डीजीसीए (DGCA), फॉरेंसिक टीम और एनडीआरएफ के अधिकारी बारामती में दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने उनके निधन को महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उनके जैसा जमीनी नेता दोबारा मिलना मुश्किल है। अजित पवार एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने के लिए बारामती जा रहे थे, जब उनका विमान क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया।
