दिल्ली आश्रम अश्लील कांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को दिल्ली ला रही है। 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोपों में घिरे चैतन्यानंद से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले चैतन्यानंद पर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित एक निजी प्रबंधन संस्थान की छात्राओं ने यौन उत्पीड़न, फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट का इस्तेमाल और पदों पर अनुचित नियुक्तियों के आरोप लगाए थे। मार्च 2025 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की एक छात्रा की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। जांच गहराने पर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए और आरोपी फरार हो गया।
शिकायतों में कहा गया कि 60,000 रुपये दान देने के बाद भी अतिरिक्त राशि की मांग की गई। आरोप है कि चैतन्यानंद ने वफादारों का नेटवर्क बनाकर संस्थान में अयोग्य लोगों को पद दिए। छात्राओं ने बताया कि उन्हें देर रात क्वार्टर में बुलाया जाता, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित संदेश भेजे जाते और धमकाया जाता। कई छात्राओं को मजबूरी में कॉलेज छोड़ना पड़ा। बताया जाता है कि एक एसोसिएट डीन और उनके परिवार के सदस्य भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, चैतन्यानंद संस्थान में अंतिम निर्णय लेने वाला व्यक्ति था और उसने अपने करीबी लोगों को पद दिलाए। शिकायत भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन द्वारा भेजे ईमेल के आधार पर औपचारिक रूप से दर्ज की गई थी। संस्थान ने एक अगस्त को प्रेस बयान जारी कर शिकायतों की पुष्टि भी की थी। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस छात्राओं के उत्पीड़न, नेटवर्क और फर्जी नंबर प्लेट से जुड़े मामलों में चैतन्यानंद से पूछताछ करेगी।
