Delhi cold wave: उत्तर भारत के तमाम इलाकों समेत दिल्ली-एनसीआर में इस वक्त कुदरत का कड़ा इम्तिहान चल रहा है। बीते दिन गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में इतनी भीषण ठंड पड़ी कि पिछले 16 साल का रिकॉर्ड पूरी तरह ध्वस्त हो गया। पालम मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान गिरकर मात्र 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो साल 2010 के बाद की सबसे ठंडी सुबह रही। इससे पहले जनवरी 2013 में पारा 2.6 डिग्री तक गया था, लेकिन इस बार की बर्फीली हवाओं ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। सफदरजंग जैसे प्रमुख केंद्रों पर भी तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो पिछले दो सालों का सबसे कम स्तर है।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सर्दी के मिजाज ने सबको ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। लोधी रोड में पारा 3.4 डिग्री, रिज स्टेशन पर 4.5 डिग्री और आयानगर में 2.7 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। दिल्ली के लगभग सभी मौसम केंद्रों ने सामान्य से काफी कम तापमान दर्ज किया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि पूरी राजधानी इस वक्त गंभीर शीतलहर की चपेट में है। पिछले चार दिनों से जारी यह सिलसिला आज 16 जनवरी 2026 की सुबह भी बरकरार रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान कई जगहों पर सामान्य से 4 डिग्री तक नीचे पाया गया।
तापमान में आई इस भारी गिरावट के साथ-साथ कोहरे और प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आज दिन का अधिकतम तापमान भी 16 से 19 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जिससे धूप निकलने के बावजूद राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। ठंडी हवाओं के कारण दिन के समय भी लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। इसके साथ ही दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 349 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। जहरीली हवा और जमा देने वाली ठंड के इस दोहरे वार ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक शीतलहर का यह प्रकोप जारी रह सकता है। खासकर दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली के क्षेत्रों में रात और सुबह के वक्त स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। बारिश की कोई संभावना न होने के कारण सूखी ठंड और कोहरा यातायात पर भी असर डाल रहा है। पालम जैसे इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.5 डिग्री कम दर्ज होना यह दर्शाता है कि राजधानी में फिलहाल ‘कोल्ड वेव’ जैसी स्थितियां बनी रहेंगी और लोगों को अभी कुछ और दिन इस सितम का सामना करना पड़ेगा।
