उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां रोक-टोक से नाराज दो बहनों ने अपने ही पिता की नृशंस हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित बेटियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले परिवार के अन्य सदस्यों को नींद की गोलियां मिलाकर खीर खिलाई, ताकि वे गहरी नींद में सो जाएं। इसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से पिता की गर्दन और पेट पर ताबड़तोड़ वार किए गए।
मृतक 55 वर्षीय रामप्रसाद अनुसूचित जाति से थे और खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके दो बेटे अमित और सुमित भी खेती में हाथ बंटाते थे। रविवार रात रामप्रसाद गैलरी में चारपाई पर सोए थे। बेटे अलग कमरे में और पत्नी चंद्रकली व दोनों बेटियां दूसरे कमरे में सो रही थीं। सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पत्नी की आंख खुली तो दरवाजे के पास रामप्रसाद का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। क्षेत्राधिकारी देवव्रत वाजपेई, प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह और एसपी देहात आदित्य बंसल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। करीब तीन घंटे की गहन जांच के दौरान पुलिस को भूसा रखने वाले कमरे से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद हुआ।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें 32 वर्षीय कोमल ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बहन के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में कोमल ने बताया कि उसकी उम्र 32 वर्ष हो चुकी थी, लेकिन पिता उसकी शादी नहीं कर रहे थे और अक्सर टोका-टाकी करते थे। छोटी बहन भी कथित भेदभाव से नाराज थी। इसी नाराजगी के चलते दोनों ने हत्या की साजिश रची।
आरोप है कि रविवार रात खीर में नींद की गोलियां मिलाकर मां, दोनों भाइयों और पिता को खिला दी गईं। जब सभी गहरी नींद में सो गए, तब रात करीब तीन बजे पिता पर चाकू से हमला किया गया। वारदात के बाद शव को दरवाजे के पास डाल दिया गया और खून से सने हाथ हैंडपंप पर धोकर दोनों बहनें वापस जाकर सो गईं।
एसपी देहात ने बताया कि बेटे अमित की तहरीर पर दोनों बहनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बड़ी बेटी कोमल को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बालिका संप्रेषण गृह, गौतमबुद्धनगर भेजा गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
