मदुरै LIC ऑफिस में महिला अधिकारी की मौत हादसा नहीं, हत्या निकली; सहकर्मी गिरफ्तार

तमिलनाडु के मदुरै स्थित एलआईसी कार्यालय में पिछले साल दिसंबर में हुई एक महिला अधिकारी की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को अब तक एयर कंडीशनर में शॉर्ट-सर्किट की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली।

मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै स्थित एलआईसी (LIC) कार्यालय में पिछले साल दिसंबर में हुई एक महिला अधिकारी की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को अब तक एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट-सर्किट की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक अधिकारी कल्याणी नाम्बी (54) के ही एक सहकर्मी टी. राम को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने केबिन में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई, जिससे वरिष्ठ महिला अधिकारी की मौत हो गई।

भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को उजागर करने की सजा

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कल्याणी नाम्बी, जो हाल ही में तिरुनेलवेली से मदुरै स्थानांतरित होकर आई थीं, ने कार्यालय में बीमा दावों (Insurance Claims) के निपटान में हो रही गंभीर अनियमितताओं को पकड़ लिया था। वह आरोपी टी. राम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करने वाली थीं। खुद को फंसता देख राम ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उसने कल्याणी के केबिन में पेट्रोल उड़ेला और आग लगा दी। जांच में यह भी पता चला कि वारदात के वक्त केबिन का दरवाजा बाहर से चेन लगाकर बंद कर दिया गया था ताकि वह बाहर न निकल सकें।

आखिरी फोन कॉल ने खोला राज

इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में कल्याणी नाम्बी के बेटे की शिकायत सबसे अहम साबित हुई। कल्याणी ने अपनी मौत से कुछ मिनट पहले अपने बेटे को फोन किया था और बेहद घबराहट भरी आवाज में तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए कहा था। इसी कॉल के बाद पुलिस का संदेह गहराया। साथ ही, आरोपी राम के बयानों में लगातार विरोधाभास पाया गया। हालांकि राम को भी मामूली जलन की चोटें आई थीं जिसे उसने हादसे के दौरान बचाने की कोशिश बताया था, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर साजिश की परतें खुल गईं।

कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस गिरफ्तारी के बाद एलआईसी के भीतर हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार को दबाने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या के इस मामले ने सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक ईमानदार अधिकारी को अपनी कर्तव्यनिष्ठा की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी, जिससे स्थानीय प्रशासन और सहकर्मियों में काफी रोष है। एलआईसी प्रबंधन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

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