कर्नाटक में सोना तस्करी की आरोपी रान्या राव के पिता और डीजीपी रैंक के अधिकारी रामचंद्र राव का कार्यालय में आपत्तिजनक हरकत करते हुए कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। ऊर्जा विभाग से जुड़े इस विवाद ने राज्य की राजनीति और पुलिस महकमे में बड़ा भूचाल ला दिया है। हालांकि राव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है और दावा किया है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर राव अपने कार्यालय में वर्दी पहने अलग-अलग महिलाओं को गले लगाते और किस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ये दृश्य डीजीपी कार्यालय के अंदर गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए गए लगते हैं। वीडियो में अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग परिधान में महिलाएं नजर आती हैं, जिनके साथ अधिकारी ड्यूटी के दौरान आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं। हालांकि अब तक किसी महिला की ओर से जबरदस्ती के आरोप नहीं लगाए गए हैं, लेकिन वीडियो की प्रकृति ने पुलिस प्रतिष्ठान की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Dr. Ramachandra Rao, IPS (DGP rank), DG of the Civil Rights Enforcement Directorate, Karnataka, strongly promotes women empowerment in his office.
— ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) January 19, 2026
Well done @IPS_Association 👏
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यह विवाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक पहुंच गया, जिन्होंने वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित विभाग से तत्काल जानकारी मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री वीडियो देखने के बाद बेहद नाराज थे और उन्होंने पूछा कि पुलिस विभाग के भीतर ऐसी घटना कैसे घट सकती है। इसके बाद सरकार पर बढ़ते दबाव के बीच आरोपी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया। इस प्रकरण को लेकर विपक्षी दल भी राज्य सरकार पर हमलावर हो गए थे और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
उधर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामचंद्र राव ने कहा कि वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत, मॉर्फ्ड और झूठा है। इंडिया टुडे से बातचीत में वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। राव ने कहा, “मैं आठ साल पहले बेलगावी में था, बहुत समय बीत चुका है। हमने इस मामले में अपने वकीलों से बात की है और हम कार्रवाई कर रहे हैं। यह हमारे लिए भी चौंकाने वाला है। यह वीडियो पूरी तरह झूठा है।” राव ने यह भी कहा कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। विवाद के बीच राव ने गृह मंत्री से भी मुलाकात की थी।
