दुर्ग, छत्तीसगढ़: दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, जिसे दुर्ग यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है, की आधिकारिक वेबसाइट को सोमवार देर रात अज्ञात हैकर्स ने हैक कर लिया। इस साइबर हमले के दौरान वेबसाइट पर कुछ समय के लिए अंग्रेजी में अपशब्दों भरा एक धमकी भरा मैसेज प्रदर्शित होने लगा।
मैसेज में लिखा था, “अगली बार अगर तुमने हमारी सीमाओं या साइबर स्पेस पर हमला करने की कोशिश की, तो हम तुम्हें ऐसी… (अपशब्द).” इस संदेश में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हमले का जिक्र होने के कारण यह संदेह जताया जा रहा है कि यह हमला पाकिस्तानी हैकर्स द्वारा किया गया है।
हालांकि, कुछ ही देर में वेबसाइट सामान्य स्थिति में आ गई। हेमचंद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार भूपेंद्र कुलदीप ने बताया कि वेबसाइट हैंग हो गई थी, जिसे शटडाउन करके 15 मिनट के अंदर रिस्टोर कर लिया गया।

यह घटना यूनिवर्सिटी की वेबसाइट की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर छात्रों की निजी जानकारी लीक होने के खतरे को लेकर। दरअसल, दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैकिंग का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी हैकिंग का मामला सामने आ चुका है, जिसमें एडमिशन से जुड़ी छात्रों की जानकारी चुराई गई थी।
उस मामले की जांच के बाद, एक निजी कॉलेज के चेयरमैन को सेवानिवृत्त पूर्व कुलपति अरुणा पलटा से लिखित में माफी भी मांगनी पड़ी थी। हालांकि, यह बात एक बड़े कॉलेज से जुड़े होने के कारण सार्वजनिक नहीं हो पाई थी और इसे कार्यालय स्तर पर ही निपटा लिया गया था।

दुर्ग यूनिवर्सिटी में हर साल हजारों छात्र अपने एडमिशन के लिए ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करते हैं, जिनमें उनकी सभी प्रकार की जानकारियां और मोबाइल नंबर होते हैं। आरोप है कि इन जानकारियों को हैक कर अपने कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्रों को कॉल किए जाते हैं, और निजी कॉलेज के एडमिशन बढ़ाने की कोशिश की जाती है। इसका खुलासा तब हुआ था जब यूनिवर्सिटी से संबद्ध एक निजी कॉलेज के लिए एडमिशन फॉर्म भरा गया था, लेकिन फोन कॉल डेटा चुराने वाले कॉलेज से आने लगे थे। तब निजी कॉलेज ने एक फर्जी फॉर्म सबमिट कर इसका खुलासा किया था।
