EPFO Pension Hike: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की मांग पर ध्यान देते हुए ईपीएफओ (EPFO) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाली न्यूनतम मंथली पेंशन 1,000 रुपये से सीधे बढ़कर 5,000 रुपये हो जाएगी। इससे महंगाई के इस दौर में बुजुर्गों और रिटायर्ड कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हो सकेगी।
वर्तमान में एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के सदस्यों को एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के तहत कम से कम 1,000 रुपये महीना पेंशन मिलती है। यह राशि पिछले कई सालों से स्थिर है, जबकि इस दौरान जीवनयापन की लागत और महंगाई में भारी इजाफा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार अब इस पेंशन को पांच गुना बढ़ाने की योजना बना रही है। इस संभावित बढ़ोतरी का सीधा लाभ उन सभी प्राइवेट कर्मचारियों को मिलेगा जो ईपीएफओ में रजिस्टर्ड हैं और जिन्होंने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर ली है।
पेंशन में वृद्धि का यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव आगामी बजट सत्र या सामाजिक सुरक्षा सुधारों (Social Security Reforms) से जुड़ी बैठकों में पेश किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई अंतिम सरकारी मुहर नहीं लगी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार इस दिशा में सक्रियता से काम कर रही है। इसके अलावा, ईपीएफओ अपनी सेवाओं को और भी आधुनिक बनाने की कोशिशों में जुटा है। इसमें पीएफ विड्रॉल की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन वितरण को और अधिक सुलभ बनाना शामिल है।
कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सर्विस रिकॉर्ड और ईपीएफओ खाते की जानकारी को अपडेट रखें ताकि भविष्य में किसी भी बदलाव का लाभ आसानी से मिल सके। गौरतलब है कि ईपीएफओ की स्थापना 1952 में हुई थी और यह मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण योजनाएं—EPF, EPS और बीमा से जुड़ी EDLI योजना चलाता है, जिनका एकमात्र उद्देश्य कर्मचारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है।
