Goa Nightclub Fire: गोवा के अर्पोरा स्थित नाइटक्लब ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। इस भीषण हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद अब नागोवा-अर्पोरा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गोवा पुलिस ने रेडकर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न सकें। रेडकर पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर लुथरा ब्रदर्स को यह अवैध नाइटक्लब चलाने में सक्रिय रूप से मदद की थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 7 दिसंबर की रात आग लगी थी, वह बिना किसी वैध एनओसी (NOC) और जरूरी अनुमतियों के संचालित हो रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बावजूद यह क्लब सरपंच के संरक्षण में चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने सरपंच को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह मजिस्ट्रेट कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गया। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
इस मामले में केवल सरपंच ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पिछले हफ्ते अंजुना पुलिस ने पंचायत सचिव रघुवीर बगकर को गिरफ्तार किया था। सचिव पर आरोप है कि उन्होंने क्लब द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज किया और क्लब को गिराने का आदेश होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इन गिरफ्तारियों और जांच ने गोवा के तटीय इलाकों में चल रहे अवैध निर्माणों और नाइटक्लबों के पीछे छिपे रसूखदारों के गठजोड़ को उजागर कर दिया है।
गोवा प्रशासन अब इस अग्निकांड के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सख्ती से पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोशन रेडकर की तलाश में छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
