अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्विट्जरलैंड यात्रा के दौरान उस समय एक तकनीकी अड़चन पैदा हो गई, जब उनके आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ को उड़ान भरने के तुरंत बाद वापस लौटना पड़ा। जॉइंट बेस एंड्रयूज़ से टेकऑफ करने के कुछ ही देर बाद विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में एक मामूली खराबी का पता चला। हालांकि व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इसे एक सामान्य तकनीकी समस्या बताया है, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमान को एहतियातन वापस बेस पर उतारने का फैसला लिया गया।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि एयर फोर्स वन की सुरक्षित लैंडिंग हो चुकी है और राष्ट्रपति ट्रंप समेत विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। अधिकारी ने जोर देकर कहा कि विमान में किसी भी तरह की कोई गंभीर इमरजेंसी या घबराहट वाली स्थिति नहीं थी। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किसी भी छोटी असामान्य स्थिति को भी गंभीरता से लिया जाता है, यही वजह रही कि उड़ान जारी रखने के बजाय विमान की जांच को प्राथमिकता दी गई।
After takeoff, the AF1 crew identified a minor electrical issue. Out of an abundance of caution, AF1 is returning to Joint Base Andrews. The President and team will board a different aircraft and continue on to Switzerland. https://t.co/pJ3Jc9NNbS
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) January 21, 2026
इस तकनीकी समस्या के बावजूद राष्ट्रपति के पहले से तय कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि उनकी स्विट्जरलैंड यात्रा अपने निर्धारित समय पर ही पूरी होगी। राष्ट्रपति और उनकी टीम के लिए तत्काल एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई है, जिससे वे जल्द ही अपनी मंजिल के लिए रवाना होंगे। इस बीच, प्रभावित एयर फोर्स वन विमान की गहन तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
दुनिया के सबसे सुरक्षित और उन्नत विमानों में शुमार ‘एयर फोर्स वन’ के साथ इस तरह की समस्या का आना दुर्लभ माना जाता है। यही कारण है कि वायुसेना की तकनीकी टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल, राष्ट्रपति की यात्रा सुचारू रूप से जारी है और व्हाइट हाउस ने किसी भी तरह की सुरक्षा चूक या बड़े खतरे की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया है।
