BMC Election Result: मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनावी नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। 227 वार्डों वाली देश की सबसे अमीर नगर निकाय में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद शनिवार, 17 जनवरी 2026 को पूरी मुंबई ‘धुरंधर देवेंद्र’ के पोस्टरों से पट गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस जीत का मुख्य शिल्पकार माना जा रहा है, जिनके नेतृत्व में भाजपा ने दशकों पुराने ‘ठाकरे किले’ में सेंध लगाने में सफलता हासिल की है।
मुंबई के विभिन्न हिस्सों में ये बड़े-बड़े होर्डिंग्स भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के मुंबई अध्यक्ष तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा लगवाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि तिवाना खुद भी इन चुनावों में कॉर्पोरेटर के रूप में निर्वाचित हुए हैं। ये पोस्टर न केवल जीत का जश्न मना रहे हैं, बल्कि यह संदेश भी दे रहे हैं कि मुंबई की जनता ने फडणवीस के ‘विकास और ईमानदारी’ के एजेंडे को पूर्ण समर्थन दिया है। भाजपा के इस प्रदर्शन को 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव परिणामों का गणित और वोट शेयर
भारत निर्वाचन आयोग और बीएमसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की और उसे कुल 11,79,273 वोट मिले। यह कुल मतदान का 21.58 प्रतिशत है। यदि केवल जीतने वाले उम्मीदवारों के वोट शेयर को देखा जाए, तो भाजपा का हिस्सा 45.22 प्रतिशत रहा। भाजपा की सहयोगी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं, जिससे महायुति गठबंधन की कुल संख्या 118 पहुंच गई है, जो बहुमत के आंकड़े (114) से चार अधिक है।
दूसरी ओर, राज ठाकरे की मनसे (MNS) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 65 सीटों से संतोष करना पड़ा। शिवसेना (UBT) को कुल 13.13 प्रतिशत वोट मिले, जबकि मनसे के खाते में केवल 6 सीटें और 1.37 प्रतिशत वोट शेयर आया। कांग्रेस ने भी 24 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जबकि ओवैसी की AIMIM ने 8 सीटों पर जीत हासिल कर मुस्लिम बहुल इलाकों में अपना प्रभाव दिखाया है। अन्य दलों में एनसीपी (अजित पवार) को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को मात्र 1 सीट मिली है।
इस चुनाव में कुल 54,64,412 वोट डाले गए, जिनमें से 11,677 मतदाताओं ने ‘नोट’ (NOTA) का विकल्प चुना। नतीजों से साफ है कि गठबंधन की राजनीति ने इस बार बीएमसी की सत्ता की चाबी तय करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। अब सबकी नजरें आगामी महापौर चुनाव पर टिकी हैं, जहाँ महायुति गठबंधन अपना मेयर बिठाने की तैयारी में है।
