BMC Elections: महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनावों और विशेष रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के ताजा रुझानों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा नीत महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता देख भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्षी खेमे पर बड़ा हमला बोला है। रुझानों में महायुति गठबंधन 115 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के लिए जरूरी 114 के आंकड़े से ऊपर है। इस चुनावी बढ़त के बाद निशिकांत दुबे ने अपने ‘X’ पोस्ट के जरिए यह संकेत दिया है कि मुंबई की सत्ता से अब ‘ठाकरे युग’ की विदाई तय है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे जल्द ही मुंबई पहुंचकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से मुलाकात करेंगे। उनके इस बयान को हालिया ‘भाषा विवाद’ और उनकी पुरानी ‘पटक-पटक कर मारने’ वाली टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
सांसद दुबे के इस तीखे तेवर के पीछे मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन है। बीएमसी के साथ-साथ नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे महत्वपूर्ण निकायों में भी भाजपा गठबंधन जीत के करीब नजर आ रहा है। चुनावी रुझानों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की सेना और राज ठाकरे की मनसे (MNS) का गठबंधन महज 68 सीटों के आसपास सिमटता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस को केवल 10 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं।
मुम्बई आकर उद्धव ठाकरे जी तथा राज ठाकरे जी से मिलूँगा
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) January 16, 2026
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज और उद्धव ठाकरे का ‘मराठी कार्ड’ और उनका आपसी मेलमिलाप भी भाजपा की चुनावी आंधी को रोकने में नाकाम रहा है। निशिकांत दुबे का पोस्ट यह संदेश देने की कोशिश है कि मुंबई अब किसी खास परिवार या भाषावाद की राजनीति तक सीमित नहीं रही।
इस पूरे विवाद की जड़ पिछले साल जुलाई में हुई एक घटना है, जब राज ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा एक गैर-मराठी दुकानदार की पिटाई की गई थी। उस समय निशिकांत दुबे ने कड़ा ऐतराज जताते हुए ठाकरे गुट को चुनौती दी थी और कहा था कि अगर हिम्मत है तो उर्दू या दक्षिण भारतीय भाषा बोलने वालों को मारें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर वे यूपी-बिहार आएंगे तो उन्हें पटक-पटक कर मारा जाएगा। अब जबकि बीएमसी चुनावों में भाजपा गठबंधन जीत की दहलीज पर खड़ा है, दुबे ने अपनी उसी पुरानी चुनौती को दोहराते हुए मुंबई आने की बात कही है। यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार और भाजपा के बीच टकराव को और अधिक तेज कर सकता है।
