ईरान में जारी भीषण जन-आंदोलन के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है। शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को खामेनेई ने ट्रंप को इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाहों की याद दिलाते हुए सीधे तौर पर ‘पतन’ की चेतावनी दी है।
खामेनेई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक कड़ा संदेश पोस्ट करते हुए ट्रंप की तुलना प्राचीन काल के अहंकारी शासकों ‘फिरौन’ और ‘निमरूद’ से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह इन तानाशाहों और ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी का अंत उनके अहंकार के चरम पर हुआ था, वही हश्र डोनाल्ड ट्रंप का भी होगा। खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की सड़कों पर लाखों लोग “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे हैं और शासन इसे अमेरिकी शह पर की गई साजिश करार दे रहा है।
ईरान में यह विरोध प्रदर्शन अब अपने 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जो आंदोलन दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से आर्थिक बदहाली और रियाल की गिरती कीमतों के खिलाफ शुरू हुआ था, वह अब एक व्यापक राजनीतिक क्रांति का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा 42% से अधिक की मुद्रास्फीति और पिछले साल इजराइल के साथ हुए ’12 दिवसीय युद्ध’ के कारण उपजी आर्थिक तंगी पर है। लोग अब केवल रोटी और रोजगार की ही नहीं, बल्कि पूरी धार्मिक सत्ता (मुल्लाओं के शासन) को हटाने की मांग कर रहे हैं।
खामेनेई ने इन प्रदर्शनकारियों को “विदेशी भाड़े के सैनिक” और “उपद्रवी” बताते हुए सुरक्षा बलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग केवल अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए तोड़फोड़ कर रहे हैं। खामेनेई ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि ट्रंप के हाथ निर्दोष ईरानियों के खून से रंगे हैं और इस्लामी गणराज्य किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगा।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे “लॉक और लोडेड” यानी पूरी तरह तैयार हैं। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि ईरान की सरकार ने अपने ही लोगों को मारना शुरू किया, तो उन्हें “नर्क की सजा” भुगतनी होगी और अमेरिका उनकी रक्षा के लिए किसी भी हद तक हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे किसी भी देश के आंतरिक मामलों में “खतरनाक हस्तक्षेप” करार दिया है।
इस समय ईरान में स्थिति बहुत तनावपूर्ण है। पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट लागू है और सुरक्षा बलों की गोलियों से अब तक 62 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
