चंडीगढ़ जिला अदालत के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विदेश में छिपे कुख्यात आतंकी गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोल्डी बराड़ पर सेक्टर-5 के एक प्रमुख कारोबारी कुलदीप सिंह मक्कड़ के घर पर हमला करवाने और उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डी बराड़ इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद है, लेकिन वह लगातार जांच और अदालती कार्यवाही से बच रहा है।
अदालत ने इससे पहले गोल्डी बराड़ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन कनाडा में बैठकर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के कारण उसे पेश नहीं किया जा सका। अब एनआईए ने उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिए हैं और उसके ज्ञात पतों पर समन भी भेज दिए गए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को निर्धारित की गई है, जहां उसे आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित करने की औपचारिकता पूरी की जा सकती है।
पूरा मामला पिछले वर्ष का है जब गोल्डी बराड़ ने फिरौती वसूलने के इरादे से कुलदीप सिंह मक्कड़ की कोठी पर फायरिंग करवाई थी। इस हमले के दौरान कारोबारी सुरक्षित बच गए थे, जिसके तुरंत बाद उन्हें एक वर्चुअल नंबर से कॉल कर तीन करोड़ रुपये की फिरौती देने की धमकी दी गई थी। एनआईए अब तक इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आठ गुर्गों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें गुरविंदर सिंह, शुभम कुमार और सरबजीत सिंह जैसे आरोपी शामिल हैं, जो वर्तमान में विशेष अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
