लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। न्यूनतम तापमान कई जिलों में 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जबकि घने कोहरे के कारण दृश्यता भी बेहद कम हो गई है। बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारियों ने प्रदेश के कई जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है।
गाजीपुर में शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने 6 से 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। हालांकि इस अवधि में विद्यालय प्रबंधन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर सकता है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख जिलों में छुट्टियों का ताजा अपडेट
राजधानी लखनऊ में भी ठंड के चलते छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। जिलाधिकारी ने 6 से 8 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कराई जाएगी। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
रायबरेली में भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी बोर्डों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में 8 जनवरी तक अवकाश रहेगा। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई सहित सभी बोर्डों के स्कूल इस आदेश के दायरे में आएंगे। हालांकि कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए विद्यालय प्रबंधन ऑनलाइन कक्षाएं चला सकता है।
कानपुर देहात में भी अत्यधिक ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी ने 7 जनवरी 2026 तक कक्षा 1 से 8 के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है।
50 से अधिक जिलों में ठंड का रेड अलर्ट
प्रदेश में इस समय ठंड का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, मेरठ, बरेली, अयोध्या और झांसी सहित 50 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ठंड से राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। रैन बसेरों की व्यवस्था, अलाव जलाने और जरूरतमंदों को गर्म कपड़े वितरित करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए मौसम सामान्य होने तक सतर्कता बरती जाएगी।
