Indian Super League 2026: भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। पिछले काफी समय से इंडियन सुपर लीग (ISL) के आयोजन को लेकर जो अनिश्चितता और विवाद चल रहे थे, उन पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ISL का नया सीजन 14 फरवरी से शुरू होने जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण फैसला भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मुख्यालय में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में लिया गया, जिसमें AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे और सभी 14 क्लबों के प्रतिनिधि शामिल थे। खेल मंत्री ने बताया कि कानूनी पेचीदगियों और कमर्शियल पार्टनर न मिलने की वजह से लीग में देरी हो रही थी, लेकिन अब सरकार और महासंघ ने मिलकर इसका रास्ता निकाल लिया है।
लीग का ढांचा और मैचों का विवरण
इस बार लीग में सभी 14 क्लब मैदान पर उतरेंगे। टूर्नामेंट के दौरान कुल 91 मैच खेले जाएंगे, जो ‘होम और अवे’ (घरेलू और प्रतिद्वंद्वी के मैदान) के आधार पर होंगे। इसके साथ ही आई-लीग का भी आगाज होगा, जिसमें 11 टीमों के बीच 55 मुकाबले खेले जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार आई-लीग के निचले स्तर (डिवीजन 2 और 3) में भी टीमों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है, ताकि फुटबॉल का आधार और मजबूत हो सके।
फंडिंग और बजट का नया मॉडल
चूंकि फिलहाल लीग के पास कोई व्यावसायिक साझेदार नहीं है, इसलिए इसके खर्च का जिम्मा अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने अपने कंधों पर लिया है। ISL के लिए 25 करोड़ रुपये का एक खर्च कैप (सीमा) तय किया गया है। जब तक कोई नया पार्टनर नहीं मिल जाता, तब तक AIFF कुल खर्च का 40% हिस्सा वहन करेगा। इसमें से 10 करोड़ रुपये सीधे ISL के लिए और 3.2 करोड़ रुपये आई-लीग के लिए दिए जाएंगे। वहीं, महिलाओं की लीग (IWL) का पूरा खर्च भी महासंघ ही उठाएगा।
लीग के बेहतर संचालन के लिए एक ‘संचालन परिषद बोर्ड’ का भी गठन किया जाएगा, जो क्लबों के साथ मिलकर मैचों के वेन्यू और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देगा। इस फैसले से भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों और फैंस के बीच छाई मायूसी अब उत्साह में बदल गई है।
