US-India Trade Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। सोमवार को एक सार्वजनिक भाषण के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि अगर भारत रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका की बात नहीं मानता है, तो भारत से अमेरिका आने वाले सामानों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाया जा सकता है। ट्रंप का यह बयान भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों पर अमेरिका की नाराजगी को साफ जाहिर करता है।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्हें एक अच्छा इंसान और अपना दोस्त बताया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ दिया कि पीएम मोदी को पता था कि मैं भारत के रूसी तेल खरीदने के फैसले से खुश नहीं हूं। ट्रंप के मुताबिक, भारत को अमेरिका को खुश रखना जरूरी था और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे बहुत जल्द भारतीय सामानों पर आयात शुल्क बढ़ा सकते हैं। आपको बता दें कि अगस्त 2025 में भी अमेरिका ने भारत पर टैक्स बढ़ाकर 50% कर दिया था, जिसके पीछे रूस के साथ तेल के कारोबार को ही मुख्य वजह बताया गया था।
.@POTUS: "This isn't a country that's on the other side of the world… We're in the business of having countries around us that are viable and successful, and where the oil is allowed to freely come out… It gets the prices down. That's good for OUR country." pic.twitter.com/XoMPOXQyGB
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) January 5, 2026
इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता दिख रहा है। कुछ महीने पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा, हालांकि भारत सरकार ने उस समय इस बात को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का कहना था कि ट्रंप और मोदी के बीच ऐसी कोई बात नहीं हुई थी।
फिलहाल रूस भारत को तेल सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि रूस इस तेल की बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर यह भी आरोप लगाया है कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर दोबारा बेच रहा है और अरबों रुपये का मुनाफा कमा रहा है। जानकारों का मानना है कि भारत पर भारी टैक्स लगाने की ट्रंप की यह धमकी असल में रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
