Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दल पराजय की निराशा में हैं और इसे अब तक नहीं पचा पाए हैं। पीएम मोदी ने सभी दलों से आग्रह किया कि शीतकालीन सत्र में कोई भी बयानबाजी या बौखलाहट का माहौल न बने और चर्चा केवल देशहित के मुद्दों पर केंद्रित हो।
प्रधानमंत्री ने कहा, “साथियों, यह सत्र संसद देश के लिए क्या सोच रही है, क्या करना चाहती है, यह तय करने वाला होना चाहिए। विपक्ष को भी अपना दायित्व निभाना चाहिए और पराजय की निराशा से बाहर निकलकर जिम्मेदारी के साथ चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। दुर्भाग्य है कि कुछ दल अब भी पराजय को पचा नहीं पाए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि शीतकालीन सत्र न तो विजय के अहंकार का मंच बने और न ही पराजय की बौखलाहट का।
Speaking at the start of the Winter Session of Parliament. May the session witness productive discussions. https://t.co/7e6UuclIoz
— Narendra Modi (@narendramodi) December 1, 2025
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “जनप्रतिनिधियों को संतुलित तरीके से देश की जनता द्वारा दिए गए दायित्व को निभाना चाहिए। किसी भी मुद्दे पर टिप्पणी करते समय उद्देश्य यह होना चाहिए कि देशवासियों का ज्ञान और समझ बढ़े।”
सत्र के दौरान सरकार की योजना 14 विधेयक पेश करने की है, जिनमें विभिन्न महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं। वहीं विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चर्चा का मुद्दा उठा सकता है, जो सियासी तनाव को बढ़ा सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद केंद्र सरकार उत्साहित है और इस सत्र में सक्रिय रूप से विधेयक पारित कराने की कोशिश करेगी।
सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और संसद में गर्मागर्म बहसों के बीच सरकार और विपक्ष दोनों की रणनीति पर सभी की नजर होगी।
