Delhi Bomb Blast: दिल्ली में हुए कार बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने इस मामले में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर के करीबी सहयोगी को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश के रूप में हुई है। वह जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड क्षेत्र का निवासी है। शुरुआती जांच में NIA को जो तथ्य मिले हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है।
एजेंसी का दावा है कि जासिर न केवल आतंकी गतिविधियों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करता था, बल्कि वह ड्रोन को मॉडिफाई कर उन्हें हमलों में इस्तेमाल किए जाने लायक बनाता था। इसके अलावा, वह रॉकेट जैसे हथियार बनाने की कोशिश भी कर रहा था, जिससे उसकी तकनीकी क्षमता और इरादों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि जासिर, दिल्ली में हुए उस कार बम धमाके की तैयारी में उमर उन नबी के साथ शुरू से जुड़ा हुआ था, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी और 32 लोग घायल हुए थे। माना जा रहा है कि जासिर ने हमले के दौरान इस्तेमाल की गई तकनीक और योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि उमर और जासिर कई महीनों से इस वारदात को अंजाम देने के लिए साजिश रच रहे थे और दोनों के बीच गहरे संपर्क के सबूत भी मिले हैं।
NIA का कहना है कि जासिर की भूमिका सिर्फ तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं थी। वह उमर उन नबी के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक था और हमले की पूरी योजना के निर्माण और क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल रहा। एजेंसी ने यह भी बताया कि जासिर हमले की साजिश के हर महत्वपूर्ण चरण में मौजूद था तथा उसने हमलावरों को उपकरण और रणनीति, दोनों ही स्तर पर सहयोग प्रदान किया। जांच एजेंसी अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग और संभावित भविष्य की वारदातों के बारे में और जानकारी हासिल की जा सके।
