Gaurela-Pendra-Marwahi: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सारबहरा गांव में शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने अपनी मां की बेरहमी से हत्या कर दी, जिसके बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड एकता अग्रवाल की अदालत ने सुनाया। अदालत ने आरोपी अर्जुन सिंह भैना को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद व ₹1000 के अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह दर्दनाक घटना 14 जुलाई 2024 की शाम की है। जानकारी के अनुसार, गौरेला थाना क्षेत्र के सारबहरा गांव निवासी अर्जुन सिंह भैना अपनी मां रोशनी बाई से शराब के लिए पैसे मांग रहा था। मां ने पैसे देने से मना कर दिया, जिससे गुस्से में आकर अर्जुन ने रापा (खेती का औजार) के बैट से अपनी मां की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल रोशनी बाई जान बचाने के लिए पड़ोसी के घर भागी, लेकिन वहीं उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर 16 जुलाई 2024 को आरोपी अर्जुन सिंह भैना को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और कहा कि यह अपराध न केवल अमानवीय है, बल्कि मातृत्व के पवित्र संबंध को कलंकित करने वाला है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गंभीर चिंता का विषय हैं, जहां नशे की लत व्यक्ति को इस हद तक गिरा देती है कि वह मां जैसे पवित्र रिश्ते की भी हत्या कर देता है। यह फैसला समाज को यह संदेश देता है कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा और अपराध का परिणाम अंततः कठोर सजा ही होगा।
