Nizamuddin Dargah Jashn e Charaga: दिल्ली की ऐतिहासिक हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में इस साल ‘जश्न-ए-चरागा’ (दिवाली के दिए जलाने) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने दरगाह परिसर में दिवाली के मौके पर दिए जलाने का कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। मंच का कहना है कि यह पहल गंगा-जमुनी तहज़ीब और हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।
हालांकि, दरगाह कमेटी ने इस कार्यक्रम का विरोध किया है। उनका कहना है कि दरगाह एक धार्मिक स्थल है और यहां इस तरह के आयोजन परंपरागत रूप से नहीं होते। कमेटी ने निजामुद्दीन थाने में तहरीर देकर मंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और मामले की जांच की जा रही है।
मंच का कहना है कि यह परंपरा नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से वे हर साल दिवाली पर दरगाह में दीए जलाकर जश्न-ए-चरागा मनाते आए हैं। इस कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार भी शामिल होने वाले हैं। मंच के सदस्य लोगों में “एकता में शक्ति है” का संदेश फैलाने के लिए दिए बांट रहे हैं।
दरगाह कमेटी का कहना है कि अनऑथराइज्ड प्रोग्राम से धार्मिक गतिविधियों में बाधा और शांति भंग होने की आशंका है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना कहा है।
इस विवाद के बीच यह कार्यक्रम हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के संदेश को लेकर चर्चा में है और दोनों पक्षों की राय आमने-सामने है।
