Chennai News: चेन्नई की कूवम नदी में जुलाई महीने में मिले मृतक श्रीनिवासुलु उर्फ रायडू के मामले में अब नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रायडू जनसेना नेता विनूथा कोटा के ड्राइवर और निजी सहायक थे। 8 जुलाई को उनका शव नदी से बरामद हुआ था, जिस पर गला घोंटने और यातना के निशान पाए गए थे। शुरुआत में पुलिस ने इसे निजी रंजिश और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया था। रायडू पर आरोप था कि उसने विनूथा से जुड़ी निजी और राजनीतिक जानकारी लीक की थी, जिस आधार पर विनूथा कोटा, उनके पति चंद्रबाबू और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब रायडू का करीब 20 मिनट लंबा वीडियो सामने आया। वीडियो में रायडू ने आंध्र प्रदेश के तेलुगू देशम पार्टी (TDP) विधायक बोज्जला सुधीर रेड्डी का नाम लिया और आरोप लगाया कि उनके करीबी लोगों ने 30 लाख रुपये देने का वादा किया था, यदि वह विनूथा और उनके पति से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो फुटेज जुटा सके। इसके बाद मामला निजी विवाद से बढ़कर राजनीतिक साजिश की दिशा में चला गया। पुलिस अब जांच कर रही है कि यह वीडियो असली है या किसी दबाव में रिकॉर्ड किया गया।
विधायक सुधीर रेड्डी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा, “मैं भगवान और अपने बच्चों की कसम खाकर कहता हूं कि मेरा रायडू की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। यह राजनीतिक षड्यंत्र है।” वहीं, विनूथा कोटा, जो फिलहाल शर्तीय जमानत पर हैं, ने भी सभी आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब जांच सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं है। फॉरेंसिक टीम रायडू के वीडियो की ऑथेंटिसिटी की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो असली है या AI-Generated। मामले ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और आगामी जांच से ही साफ होगा कि यह केवल निजी विवाद था या संगठित राजनीतिक साजिश।
