देश के शीर्ष अस्पतालों में से एक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से एक वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और कार्यस्थल पर धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में एक महिला नर्सिंग अधिकारी की शिकायत के बाद, एम्स प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के प्रमुख डॉ. एके बिसोई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
यह कार्रवाई तब की गई जब एम्स नर्स यूनियन की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक कई शिकायतें पहुंचीं, जिनमें डॉ. बिसोई पर यौन उत्पीड़न, अभद्र भाषा का इस्तेमाल और कार्यस्थल पर धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
विभाग प्रमुख का प्रभार बदला
एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सीटीवीएस विभाग का प्रभार तत्काल प्रभाव से ‘अगले आदेश तक’ वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वी. देवगौरू को सौंप दिया गया है। आदेश में इस निर्णय का आधार एक महिला नर्सिंग अधिकारी की 30 सितंबर की शिकायत और एम्स नर्स यूनियन के अभ्यावेदन (Representation) को बताया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपों पर टिप्पणी के लिए डॉ. ए.के. बिसोई से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
अभद्र और अपमानजनक भाषा के आरोप
प्रधानमंत्री कार्यालय और एम्स निदेशक को संबोधित शिकायतों की श्रृंखला में, नर्स यूनियन ने आरोप लगाया है कि डॉ. बिसोई महिला नर्सिंग स्टाफ और पूरे नर्सिंग समुदाय को निशाना बनाते हुए बार-बार “अभद्र, गैर-पेशेवर और अपमानजनक भाषा” का इस्तेमाल कर रहे थे।
यूनियन ने शिकायत में यह भी बताया, “हमें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि अपनी सुबह की राउंड्स के दौरान, डॉ. ए.के. बिसोई ने उन सभी नर्सों को सबक सिखाने की खुली धमकी दी जिन्होंने उनके खिलाफ शिकायत की थी। यह प्रतिशोध से कम नहीं है और कार्यस्थल पर बदमाशी (Bullying) के समान है। इससे ऐसा शत्रुतापूर्ण माहौल बन रहा है जहां नर्सों को अपनी वास्तविक समस्याएं उठाने पर भी बदले की कार्रवाई का डर है।” एम्स प्रशासन की इस कार्रवाई से कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश गया है।
