नई दिल्ली: दिल्ली के एक निजी प्रबंधन संस्थान में कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी 62 वर्षीय स्वयंभू बाबा स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने बताया है कि इस भगोड़े आरोपी ने 28 किताबें लिखी हैं, जिनमें कुछ प्रमुख वैश्विक हस्तियों के नाम भी प्रस्तावना और समीक्षाओं में शामिल हैं।
आरोपी फरार, 17 छात्राओं ने दिए बयान
पहले स्वामी पार्थसारथी के नाम से जाने जाने वाले चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं। वह ‘श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट’ का संचालक था और खुद को ‘संस्थान का अध्यक्ष’ कहता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर 28 किताबें लिखी हैं, जिनमें से कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इनमें से एक पुस्तक, ‘फॉरगेट क्लासरूम लर्निंग’ की प्रस्तावना का श्रेय एप्पल इंक के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स को दिया गया है। प्रस्तावना में जॉब्स ने इस पुस्तक को “प्रबंधन की व्यावहारिक दुनिया के लिए एक अभूतपूर्व प्रारंभिक व मार्गदर्शक पुस्तिका” बताया है। वहीं, एक अन्य समीक्षा में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की-मून का भी उल्लेख है।
किताबों में खुद को बताया ‘प्रतिष्ठित हस्ती’
ई-कॉमर्स साइट पर लेखक के परिचय में सरस्वती को “एक प्रख्यात प्रोफेसर, लेखक, वक्ता, शिक्षाविद, आध्यात्मिक दार्शनिक और परोपकारी” बताया गया है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि वह ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग के सदस्य और एशिया-प्रशांत विकास पहल के अध्यक्ष हैं।
यह पहली बार नहीं है जब सरस्वती पर ऐसे आरोप लगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके खिलाफ 2009 में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था, और 2016 में भी वसंत कुंज थाने में छेड़छाड़ की एक और शिकायत दर्ज की गई थी।
इस ताजा घटना में, 4 अगस्त को वसंत कुंज उत्तर थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। जांच के दौरान, 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस का मानना है कि संस्थान में कार्यरत तीन महिला संकाय सदस्यों ने भी आरोपी का साथ दिया और छात्राओं पर उसकी मांगों को पूरा करने का दबाव बनाया।
