ओटावा: भारत के दबाव के बाद आखिरकार कनाडा ने खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कनाडा की पुलिस ने खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) इंद्रजीत सिंह गोसल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्क कार्नी के बीच हुई बातचीत के बाद हुई है, जिसमें डोभाल ने खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया था।
मंदिर में हिंसा और हथियारों से जुड़े आरोप
इंद्रजीत सिंह गोसल, जो 36 साल का है, पर हथियारों से जुड़े अपराधों का आरोप लगाया गया है। उसे पिछले साल नवंबर में ग्रेटर टोरंटो एरिया में एक हिंदू मंदिर में हुई हिंसक घटना के सिलसिले में भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि तब उसे शर्तों पर रिहा कर दिया गया था। गोसल कनाडा में खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह का मुख्य समन्वयक भी है।
जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, गोसल कनाडा में सिख्स फॉर जस्टिस के लिए एक प्रमुख आयोजक बन गया था। भारत ने गुरपतवंत सिंह पन्नू को पहले ही “खालिस्तानी आतंकवादी” घोषित कर रखा है।
कनाडा का कबूलनामा
हाल ही में, कनाडा की सरकार ने एक आंतरिक रिपोर्ट में अपनी धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी और उन्हें मिलने वाली फंडिंग को स्वीकार किया था। इस रिपोर्ट में बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल SYF जैसे संगठनों का उल्लेख किया गया था, जो कनाडा के आपराधिक संहिता के तहत आतंकवादी संगठनों के रूप में सूचीबद्ध हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि ये समूह अब छोटे-छोटे व्यक्तियों के समूहों के रूप में काम करते हैं, जो सीधे किसी संगठन से बंधे नहीं होते हैं।
इस गिरफ्तारी को भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। यह दिखाता है कि भारत ने कनाडा पर खालिस्तानी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी दबाव बनाया है।
