काराकास: कैरेबियन सागर में अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शनिवार को नागरिकों के लिए सैन्य प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए और जनता से अपील की कि अगर अमेरिका हमला करता है तो “लाखों लोग हथियार उठाने के लिए तैयार रहें।” राजधानी काराकास के पेटारे इलाके में हजारों नागरिकों को छोटे समूहों में हथियार चलाने, मास्क पहनने और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। सैन क्रिस्टोबल, बारिनास और अन्य शहरों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए।
लगभग एक महीने पहले अमेरिका ने वेनेज़ुएला के तट के पास 8 युद्धपोत, 1 परमाणु पनडुब्बी और एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात किए थे। व्हाइट हाउस ने इसे “एंटी-ड्रग ऑपरेशन” बताया। अमेरिकी बेड़े ने अब तक तीन स्पीडबोट नष्ट किए और दर्जनभर कथित ड्रग तस्करों को मार गिराया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर वेनेज़ुएला अवैध प्रवासियों को वापस नहीं भेजेगा तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
वेनेज़ुएला का आरोप है कि अमेरिका उसके तेल, सोना और हीरे पर कब्जा करना चाहता है। रक्षा मंत्री व्लादिमिर पाद्रिनो लोपेज़ ने कहा, “आज हम एक सच्ची सैन्य क्रांति लिख रहे हैं। जनता और सेना मिलकर देश की रक्षा करेंगे।” प्रशिक्षण शिविर में शामिल 16 वर्षीय जॉन नोरेगा ने भी कहा कि वे अपने देश के संसाधनों के लिए लड़ेंगे।
इसी बीच, मादुरो का आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट अचानक बंद हो गया, जिससे विवाद और गहरा गया है। यह अकाउंट उनके भाषण और साप्ताहिक कार्यक्रम का मुख्य माध्यम था, जिसके 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। राज्य संचालित चैनल टेलीसुर ने इसे “बिना कारण” हटाए जाने का आरोप लगाया है, जबकि गूगल ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
We want Venezuela to immediately accept all of the prisoners, and people from mental institutions, which includes the Worst in the World Insane Asylums, that Venezuelan “Leadership” has forced into the United States of America. Thousands of people have been badly hurt, and even…
— Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) September 20, 2025
अमेरिका लंबे समय से मादुरो को ड्रग तस्करी का आरोपी मानता रहा है और 2020 में न्यूयॉर्क की अदालत में उन पर अमेरिका में कोकीन भेजने की साजिश का केस दर्ज किया गया था। हाल ही में उनकी गिरफ्तारी पर इनाम 50 मिलियन डॉलर कर दिया गया। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आरोप है कि मादुरो ने 2024 का चुनाव धांधली से जीता, और कई देशों ने उन्हें अवैध करार दिया है।
