नई दिल्ली: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच 17 सितंबर को हुए रक्षा समझौते पर भारत ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच पहले से विचाराधीन व्यवस्था को औपचारिक रूप देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते (Strategic Mutual Defense Pact) के निहितार्थों का बारीकी से अध्ययन करेगी।
जयसवाल ने कहा, “हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता के लिए इस विकास का विश्लेषण कर रहे हैं। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और सभी क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
Our response to media queries on reports of the signing of a strategic mutual defence pact between Saudi Arabia and Pakistan
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 18, 2025
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पाकिस्तान-सऊदी अरब का समझौता क्या है?
यह समझौता रियाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की राजकीय यात्रा के दौरान हुआ। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और शरीफ ने इस पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत यदि पाकिस्तान या सऊदी में से किसी एक पर हमला होता है तो उसे दोनों पर हमला माना जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता NATO जैसी सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था की तर्ज पर है।
