नई दिल्ली: आयुष मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक 19 अगस्त 2025 नई दिल्ली में आयोजित हुई। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के विभिन्न राजनीतिक दलों के समिति के सांसदों ने भाग लिया।
संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों में डॉ. स्वामी सचिदानंद हरि साक्षी, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, श्रीमती. ज्योत्सना सी महंत, श्रीमती धर्मशिला गुप्ता, श्री परषोत्तम रूपाला, श्री अष्टिकर पाटिल नागेश बापुराव, श्री ज्योतिर्मय सिंह महतो, श्री लावु श्री कृष्ण देवरायलू, श्री सदानंद म्हालू शेट तनावडे, श्री बाबूभाई जेसंगभाई देसाई और श्री कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने बैठक में भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने एक महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय के एक स्वतंत्र मंत्रालय बनने के बाद पहली बार एक समर्पित संसदीय सलाहकार समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम आयुष से संबंधित मामलों पर केंद्रित चर्चा, बेहतर ध्यान और मज़बूत नीतिगत दिशा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। यह अधिक समग्र और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ावा देने में मंत्रालय की भूमिका को और बढ़ाएगा।

आयुष के विकास पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री जाधव ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, आयुष अनुसंधान परिषदों, वैधानिक निकायों और राष्ट्रीय संस्थानों के एक मजबूत नेटवर्क के साथ तेज़ी से विकसित हुआ है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से, स्वास्थ्य सेवाएँ लाखों लोगों तक पहुँच रही हैं, जबकि आयुष उद्योग 200 अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।”
वैश्विक पहुँच और नवाचार पर बोलते हुए, श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025, इस वर्ष विशाखापत्तनम में 3 लाख से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने के साथ एक उल्लेखनीय उपलब्धि साबित हुआ। एकता और स्वास्थ्य का यह प्रभावशाली प्रदर्शन योग के बढ़ते वैश्विक प्रसार को दर्शाता है। इसके साथ ही, प्रकृति परीक्षण और सहजन- आधारित आयुष आहार जैसी पहल साक्ष्य- आधारित अनुसंधान, निवारक स्वास्थ्य सेवा और स्वस्थ, सतत जीवन शैली को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”
बैठक के दौरान, सांसद श्री पुरुषोत्तम रूपाला ने सुझाव दिया कि आयुष मंत्रालय पोस्टर, बैनर और अन्य सूचना एवं संचार सामग्री के माध्यम से अभियान चलाकर जन जागरूकता बढ़ाए। उन्होंने गाँव और ज़िला स्तर पर जमीनी स्तर के वैद्यों के योगदान को मान्यता देने के महत्व पर भी ज़ोर दिया और उनकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के प्रयासों का आह्वान किया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग आयुष से लाभान्वित हो सकें और इसकी प्रणालियों को और मज़बूत बनाया जा सके।

सांसद श्री लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि कोविड- 19 महामारी के दौरान आयुर्वेद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इससे कई लोगों की जान बच सकती है। उन्होंने पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच को और बढ़ाने के लिए नए आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने की भी सिफ़ारिश की।
सांसद डॉ. स्वामी सचिदानंद हरि साक्षी ने कहा कि समिति के सदस्यों ने आयुष के विस्तार और संवर्धन में एकजुटता व्यक्त की है।
सांसद श्री कृष्ण प्रसाद ने कहा कि एक विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब आयुष का निरंतर विकास और विस्तार हो। उन्होंने आयुष सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और आयुष से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।
आज संसद में आयुष मंत्रालय की पहली 'Consultative Committee' बैठक में साथी सांसदगण सदस्यों के साथ उपस्थित रहा। 2014 में मंत्रालय के गठन के बाद पहली बार अलग सलाहकार समिति बनी है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में मंत्रालय तेजी से कार्य कर रहा है, जिसमे 5… pic.twitter.com/X1hoJaqdZH
— Prataprao Jadhav (@mpprataprao) August 19, 2025
छत्तीसगढ़ की कोरबा जनजातियों पर प्रकाश डालते हुए, श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने उनकी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का दस्तावेजीकरण करने और इन जानकारियों को आयुष में एकीकृत करने के लिए एक व्यवस्थित क्षेत्रीय कार्यकलाप का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय मंत्री श्री जाधव ने समिति के सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया और उनके विचारशील सुझावों एवं अंतर्दृष्टि के लिए उनकी सराहना की।
बैठक का समापन करते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और सार्थक योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके सुझाव देश भर में आयुष प्रणालियों को मज़बूत करने और वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
🎥 Union Minister Shri @mpprataprao chairs the 1st Parliamentary Consultative Committee Meeting of @moayush
— DPO Ayush (@PIBAYUSH) August 19, 2025
🟢 Ayush health services reaching millions through National Ayush Mission & Arogya Mandirs
🟢 Focus on strengthening systems, global outreach & innovation pic.twitter.com/kX8gcJjtgb
