संसद में डिजिटल क्रांति की शुरुआत: मानसून सत्र से लागू होंगी नई तकनीकी व्यवस्थाएं

लोकसभा सचिवालय ने ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म के सहयोग से संसदीय कार्यवाही का AI आधारित वाक्यशः (स्पीच-टू-टेक्स्ट) ट्रांसक्रिप्शन शुरू करने का फैसला किया है।

Parliament Goes Digital: New Tech Initiatives to Roll Out from Monsoon Session
Parliament Goes Digital: New Tech Initiatives to Roll Out from Monsoon Session

नई दिल्ली: भारतीय लोकसभा में डिजिटल परिवर्तन की एक नई लहर आ रही है। आगामी मानसून सत्र से कई नई डिजिटल व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी, जिससे संसदीय कामकाज अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनेगा।

डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम

मानसून सत्र के पहले दिन से ही सांसदों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू होगी। अब हर सांसद अपनी सीट पर लगे मल्टीमीडिया डिवाइस के ज़रिए अपनी उपस्थिति खुद ही दर्ज कर पाएंगे। यह प्रणाली उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी।

AI के ज़रिए बहुभाषी एजेंडा

संसद की कार्यसूची और सभी दस्तावेज़ अब 12 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इसके लिए AI आधारित टूल का उपयोग किया जा रहा है। जिन भाषाओं में ये दस्तावेज़ उपलब्ध होंगे, उनमें असमिया, बंगाली, अंग्रेज़ी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। यह पहल सांसदों को अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगी।

AI से संसद कार्यवाही का ट्रांसक्रिप्शन

लोकसभा सचिवालय ने ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म के सहयोग से संसदीय कार्यवाही का AI आधारित वाक्यशः (स्पीच-टू-टेक्स्ट) ट्रांसक्रिप्शन शुरू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था पारंपरिक रिपोर्टिंग के साथ-साथ चलेगी और इससे कार्यवाही का सटीक व बहुभाषी रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा, जिससे पारदर्शिता और पहुंच बढ़ेगी।

लोकसभा सचिवालय का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य संसदीय कामकाज को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale