रोम, इटली (G7 शिखर सम्मेलन): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सीधे तौर पर पाकिस्तान को आतंकवाद का ‘ब्रीडिंग ग्राउंड’ बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा ऐसे देशों को दी जा रही छूट पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं के सामने कहा, “भारत के पड़ोस में तो आतंकवाद का ब्रीडिंग ग्राउन्ड है।” उन्होंने वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए एक स्पष्ट सोच और नीति की वकालत करते हुए कहा, “यदि कोई भी देश आतंकवाद का समर्थन करता है, तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।”
हालांकि, उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि वास्तविकता इसके उलट है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दुर्भाग्यवश, वास्तविकता इसके उलट है। एक तरफ तो हम अपनी पसंद-नापसंद के आधार पर, भांति-भांति के प्रतिबंध (sanctions) लगाने में देर नहीं करते। दूसरी ओर, जो देश खुले आम आतंकवाद का समर्थन करते हैं, उन्हें पुरस्कृत करते हैं।”
जी-7 मंच पर उपस्थित वैश्विक नेताओं को सीधे संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कुछ गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “क्या हम आतंकवाद को लेकर गंभीर हैं भी या नहीं? क्या हमें आतंकवाद का मतलब सिर्फ तब समझ आएगा जब वो हमारे घर के दरवाजे पर दस्तक देगा? क्या आतंकवाद फैलाने वाले को और आतंकवाद से पीड़ित को एक ही तराजू में रख कर देखा जायेगा? क्या हमारे ग्लोबल institutions एक मज़ाक बन कर रह जायेंगे?”
प्रधानमंत्री का यह बयान हाल के दिनों में पाकिस्तान को IMF और ADB जैसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा दी गई वित्तीय मदद और इस पर भारत की आपत्तियों को नजरअंदाज किए जाने के बाद भारत की मजबूत भावना को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद के पोषकों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मिलने वाली सहायता भारत को स्वीकार्य नहीं है।
