तेल अवीव: इजरायल रक्षा बल (IDF) ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव का खुलासा करते हुए एक वीडियो जारी किया है। IDF का कहना है कि प्रमुख व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों पर हमलों के बाद अब इजरायली वायुसेना ने ईरान के सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल लॉन्चरों (surface-to-air missile launchers) को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता को सीमित करना है।
IDF के अनुसार, इस नई रणनीति का असर दिखना शुरू हो गया है। जहां पहले ईरान की ओर से सौ-सौ मिसाइलों के झोंके एक बार में आ रहे थे, वहीं अब 30 या 40 मिसाइलों के झोंके ही देखे जा रहे हैं। यह दर्शाता है कि इजरायली हमलों से ईरान की जवाबी क्षमता प्रभावित हुई है।
❌ حدود ۵۰ فروند جنگنده به زیرساختها و اهداف مرتبط با پروژه هستهای ایران در تهران حمله کردند.
— ارتش دفاعی اسرائیل | IDF Farsi (@IDFFarsi) June 15, 2025
❌ طی تمام طول شب، جنگندههای نیروی هوایی اسرائیل در آسمان تهران پرواز کرده و زیرساختها و اهداف مربوط به پروژه هستهای ایران را با هدایت واحد اطلاعات نظامی مورد حمله قرار دادند.… pic.twitter.com/I4UmQ8YojQ
इसके अलावा, IDF के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईरान के हथियार बनाने की क्षमता को भी निशाने पर लिया गया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चाहे वह क़ुद्स फोर्स (QUDS Force) हो या आईआरजीसी (IRGC) या फिर ईरानी मिलिट्री, युद्ध के दौरान उन अहम इलाकों की पहचान कर ली गई है जहां हथियार बनते हैं या जहां से लॉन्च किए जाते हैं, और उन्हीं जगहों को लगातार निशाने पर लिया जा रहा है।
