रणथंभौर (राजस्थान): वन्यजीवन की दुनिया हमेशा ही रहस्यमयी, अचरज भरी और रोमांचक घटनाओं से भरी रहती है। ऐसी ही एक दुर्लभ और रोमांचक घटना हाल ही में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सामने आई, जिसने वहां मौजूद सैलानियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यहां प्रसिद्ध बाघिन टी-84 (एरोहेड) ने एक मगरमच्छ का शिकार कर अपनी शक्ति और कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे देख पर्यटक दंग रह गए।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार को जोन-3 के जोगी महल के पास पद्मला लाताब में घटित हुई। टाइगर सफारी पर निकले सैलानियों को उस समय एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब बाघिन टी-84 ने तालाब किनारे आए मगरमच्छ पर अचानक हमला कर दिया। बाघिन पहले से ही घात लगाकर बैठी थी और जैसे ही मगरमच्छ पास आया, उसने उस पर झपट्टा मारा।
दोनों के बीच करीब एक मिनट तक संघर्ष हुआ, लेकिन अंततः मगरमच्छ हार मान गया और बाघिन ने उसे अपने शक्तिशाली जबड़ों में दबोचकर पानी से बाहर खींच लिया। इसके बाद उसने शिकार का आनंद लिया। इस दृश्य को सैलानियों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
मछली वंश की तीसरी पीढ़ी
बाघिन टी-84, जिसे एरोहेड के नाम से जाना जाता है, रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिन ‘मछली’ (टी-16) की वंशज है। मछली को ‘क्रोकोडायल किलर’ की उपाधि दी गई थी, क्योंकि उसने भी इसी प्रकार मगरमच्छ का शिकार किया था। अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एरोहेड ने यह अद्भुत कारनामा किया है।
दिलचस्प बात यह है कि बाघिन एरोहेड इस समय बोन ट्यूमर से पीड़ित है और उसकी उम्र भी लगभग 16 साल हो चुकी है, बावजूद इसके उसने इतनी ताकत और रणनीति के साथ मगरमच्छ का शिकार किया, जो उसकी क्षमता को दर्शाता है।
टी-84 की बेटी रिद्धि भी मगरमच्छ और यहां तक कि एक बार कछुए का शिकार कर चुकी है। यह तीसरा ऐसा मामला है जब मछली वंश की किसी बाघिन ने मगरमच्छ को शिकार बनाया हो।
वायरल हो रहे हैं दृश्य
इस घटना के फोटो और वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। प्रकृति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के बीच यह दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है। रणथंभौर के नेचर गाइड्स और पर्यटक भी इस दुर्लभ अनुभव को बेहद खास मान रहे हैं।
