Dhanteras 2026: 6 नवंबर 2026 को धनतेरस का महापर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस शुभ दिन पर धन के देवता कुबेर, आरोग्य के देव भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना, चांदी, नए बर्तन और मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख, समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस पावन अवसर पर कुछ खास चीजों को खरीदने से सख्त परहेज करना चाहिए, क्योंकि इन्हें घर लाने से शनि और राहु जैसे ग्रहों का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है और घर की शांति प्रभावित हो सकती है।
1. लोहे का सामान
धनतेरस के दिन लोहे से बनी किसी भी वस्तु को घर लाना अशुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में लोहे का सीधा संबंध शनि देव से माना गया है। चूंकि धनतेरस का दिन देवी लक्ष्मी और धन्वंतरि देव की पूजा के लिए समर्पित होता है, इसलिए इस दिन लोहे के बर्तन, औजार या लोहे से बनी किसी भी प्रकार की वस्तु खरीदने से बचना चाहिए।
2. चाकू, कैंची और धारदार औजार
धनतेरस पर चाकू, कैंची, ब्लेड, सुई या अन्य किसी भी प्रकार की नुकीली और धारदार वस्तुएं बिल्कुल न खरीदें। लोक मान्यताओं और ज्योतिष में धारदार चीजों को पारिवारिक कलह, रिश्तों में कड़वाहट और अलगाव का कारक माना जाता है। इसलिए ऐसे मांगलिक अवसर पर इन्हें खरीदने से पूरी तरह बचना चाहिए।
3. कांच का सामान
कांच की वस्तुओं का संबंध ज्योतिष में मायावी ग्रह राहु से जोड़ा जाता है। इसके अलावा कांच आसानी से टूट जाता है, और टूटने वाली चीजों को परंपरा में अस्थिरता और नुकसान का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण धनतेरस के दिन कांच के बर्तन, आईना, सजावटी सामान या कांच से बनी अन्य वस्तुएं खरीदना वर्जित माना गया है।
4. काले रंग की वस्तुएं
धनतेरस जैसे अत्यंत मांगलिक और पवित्र पर्व पर काले रंग का कोई भी सामान खरीदने से परहेज करना चाहिए। हिंदू धर्म में शुभ अवसरों और पूजा-अनुष्ठानों में लाल, पीले, गुलाबी और नारंगी जैसे ऊर्जावान रंगों को प्राथमिकता दी जाती है। काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन काले रंग के वस्त्र या अन्य वस्तुएं न खरीदें।
5. चमड़े से बना सामान
धनतेरस के पावन अवसर पर चमड़े से बनी वस्तुएं जैसे जूते, चप्पल, बेल्ट, बैग या पर्स खरीदने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चमड़ा जानवरों की खाल से बनता है, जिसे पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिहाज से अशुद्ध माना जाता है। इस दिन चमड़े का सामान घर लाना शुभ नहीं माना जाता।
6. तेल और घी
दीपावली के दीये जलाने के लिए तेल और घी की अत्यधिक आवश्यकता होती है, लेकिन लोक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस वाले दिन ही तेल या घी की खरीदारी करना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि धनतेरस से एक-दो दिन पहले ही पूजा और दीयों के लिए तेल-घी का इंतजाम कर लें, ताकि धनतेरस के दिन इन्हें न खरीदना पड़े।
7. खाली बर्तन घर लाना
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ और समृद्धिकारक माना जाता है, लेकिन ध्यान रखें कि दुकान से खरीदा गया बर्तन खाली घर न लाएं। बर्तन को खाली लाना दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार, नए बर्तन में थोड़े से चावल, गेहूं, धनिया, कोई मिठाई या थोड़ा सा जल डालकर ही घर में प्रवेश करना चाहिए, ताकि मां लक्ष्मी की कृपा से घर हमेशा अन्न और धन से भरा रहे।
