केरल में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच कई इलाकों से भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक आई बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोगों के लापता होने की जानकारी है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने स्थिति पर हर घंटे नजर रखने और लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कमिश्नर विग्नेश्वरी ने इडुक्की और कोट्टायम के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। दोनों जिलों में मौसम को लेकर लोगों के मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं। कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के साथ जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मलप्पुरम जिले के नीलांबुर-अमराम्बलम इलाके में कोट्टापुझा नदी में अचानक पानी बढ़ने से पांच लोग बह गए। पुलिस के मुताबिक, वंडूर से आया एक समूह नदी में नहाने गया था। इसी दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ा और लोग पानी की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक व्यक्ति को बचा लिया गया, जबकि अग्निशमन एवं बचाव दल ने दो लोगों के शव बरामद कर लिए। दो अन्य लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है। मुख्यमंत्री ने लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य के लिए इलाके में आपदा प्रबंधन बल की विशेष टीम भेजने के निर्देश दिए हैं।
कोट्टायम जिले में भी बारिश के कारण भूस्खलन की घटना हुई। टीकोय के पास वेलाथुस्सेरी में रविवार शाम पहाड़ी से मिट्टी खिसकने के बाद सड़क पर मलबा आ गया। इसी दौरान वहां से स्कूटर पर गुजर रहीं तमिलनाडु की 35 वर्षीय संगीता अरुल लाल इसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। वह चेन्नई के जवाहर नगर की रहने वाली थीं। पुलिस के अनुसार, संगीता अपनी दोस्त के साथ वागामोन से लौट रही थीं। हादसे में उनकी दोस्त घायल हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इडुक्की जिले के कोट्टाकम्बूर में भी बारिश से बचने के लिए शेड में रुके तीन लोग मिट्टी धंसने की घटना में फंस गए। रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पहाड़ी से मिट्टी का बड़ा हिस्सा शेड पर आ गिरा और तीनों उसके नीचे दब गए। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हुई है।
केरल में इससे पहले भी भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के कई इलाकों में बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के कुछ हिस्सों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। 20 और 21 सितंबर को राज्य के कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश होने का भी अनुमान है। रविवार को कोट्टायम और इडुक्की के लिए बारिश का अलर्ट बढ़ाकर ऑरेंज कर दिया गया। ऑरेंज अलर्ट 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश का संकेत देता है, जबकि येलो अलर्ट 6 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश की संभावना को दर्शाता है।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, इस साल केरल में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई है। 1 जून से 17 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य के मुकाबले 28 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद मौजूदा मौसम प्रणाली के कारण राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने परेशानी बढ़ा दी है।
