मानसून की विदाई से ठीक पहले बादलों ने एक बार फिर देश के एक बड़े हिस्से में जोरदार वापसी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 17 सितंबर को उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के तमाम राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। कई इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है।
तापमान में गिरावट से मिलेगी गर्मी से राहत
लगातार हो रही इस झमाझम बारिश की वजह से दिन के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। हालांकि, दक्षिण भारत के अंदरूनी इलाकों और पश्चिमी राजस्थान में बारिश की धीमी रफ्तार के कारण उमस का असर बना रह सकता है।
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों का हाल
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में मानसूनी तंत्र पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है। मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
पहाड़ी राज्यों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कई जिलों में व्यापक वर्षा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, राजस्थान के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश जारी रहेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती दिख रही हैं।
मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज
मध्य भारत में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि विदर्भ और छत्तीसगढ़ में छिटपुट बौछारों के साथ मौसम सुहावना बना रहेगा।
पूर्वी भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और गंगीय पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बिहार और झारखंड में हल्की से मध्यम दर्ज की जाएगी, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का असर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी गरज-चमक के साथ व्यापक वर्षा का अनुमान है।
पश्चिम और दक्षिण भारत की स्थिति
पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में कोंकण और गोवा के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के बीच छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में केरल, माहे और लक्षद्वीप में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।
समुद्र में उफान और मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने तटीय और समुद्री क्षेत्रों में मौसमी हलचल तेज रहने की बात कही है। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
इसी तरह, अरब सागर में गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी हिस्से और सोमालिया तट के पास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके उठने का अनुमान है। समंदर में उठने वाली ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
