संसद के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गान किया गया। इसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के इस आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद रहे। सुबह 11 बजे स्पीकर ओम बिरला ने आसन ग्रहण करते ही वंदे मातरम के पूर्ण गान के लिए कहा। पहली बार सदन में पूरे राष्ट्रीय गीत का गान हुआ, जिसके सम्मान में सत्तापक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष खड़ा रहा।
पूरा मॉनसून सत्र भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया, जिससे विधायी कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। इस सत्र के दौरान लोकसभा में महज 15 घंटे ही काम हो सका। नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर दोनों सदनों में चर्चा जरूर हुई, लेकिन राहुल गांधी द्वारा छात्रों के मार्च पर पैलेट गन चलाने के आदेश का मुद्दा उठाए जाने के बाद लोकसभा में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। इसके बाद अन्य किसी प्रमुख विषय पर व्यापक चर्चा नहीं हो सकी।
पूरे सत्र के दौरान विपक्ष कई मुद्दों पर आक्रामक बना रहा। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं, छात्रों पर बल प्रयोग के आदेश को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की जाती रही। विपक्ष का मुख्य सवाल यही रहा कि गृह मंत्री सदन में उपस्थित क्यों नहीं हो रहे हैं। इस बीच बुधवार को अमित शाह ने स्पष्ट किया था कि विपक्ष सदन को चलने दे और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, हालांकि इसके बाद भी हंगामा शांत नहीं हुआ।
गुरुवार को उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार की ओर से इन मुद्दों पर वक्तव्य दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्ण राष्ट्रगीत का गान हुआ और इसके बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
