Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के बहुचर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिसिया जांच के बीच एक और बड़ा डिजिटल खुलासा हुआ है। कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन की पूरी चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन के डेटा को पूरी तरह से साफ कर दिया था। पुलिस ने अब इन डिलीट किए गए डिजिटल लॉग्स, व्हाट्सएप मैसेज और कॉल डेटा को रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेज दिए हैं।
जांच टीम में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत 18 जून से पहले और लोहगढ़ किले की घटना के तुरंत बाद अपने मोबाइल से सारी चैट और रीसायकल बिन का डेटा साफ किया था ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके। पुणे ग्रामीण पुलिस की तकनीकी जांच से यह भी पता चला है कि सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी घटना से लगभग छह महीने पहले से एक-दूसरे के साथ लगातार संपर्क में थे। इस दौरान दोनों के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुए थे, जिसमें 238 घंटे से अधिक की बातचीत रिकॉर्ड की गई है। यही नहीं, वारदात वाले दिन दोनों ने एक कैफे में मुलाकात की थी, जहां बैठकर केतन की हत्या की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप दिया गया और मावल तालुका के लोहगढ़ किले में उस सटीक जगह की पहचान की गई, जहां से केतन को धक्का दिया जाना था।
लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे ने बताया कि जांचकर्ताओं ने दोनों संदिग्धों की सक्रिय भूमिका को पुख्ता तौर पर स्थापित कर लिया है। शुरुआत में आरोपी चेतन चौधरी ने झूठ बोलते हुए दावा किया था कि वह चट्टान वाली उस जगह पर मौजूद नहीं था, लेकिन कड़ाई से की गई पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने उसका झूठ टिक नहीं सका। आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए घटनाक्रम का पूरा ब्योरा दिया। पुलिस के मुताबिक, अंतिम योजना के अनुसार लोहगढ़ किले के पॉइंट पर पहुंचकर सिया गोयल ने बैठकर पहले से तय सिग्नल दिया, जिसे देखते ही पीछे से घात लगाए बैठे चेतन चौधरी ने आकर कुछ भी न भांप पाने वाले केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का दे दिया।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की जल्द सुनवाई की मांग की। मीडिया में चल रही उन खबरों पर, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सिया को केतन के हेयर विग पसंद नहीं थे, पिता ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर सिया को कोई दिक्कत थी, तो वह शादी के लिए मना कर सकती थी, मेरे बेटे की इतनी क्रूरता से जान लेने की क्या जरूरत थी। उन्होंने साफ किया कि यह सच है कि उनका बेटा विग का एक छोटा पैच लगाता था, लेकिन सगाई से काफी पहले ही सिया और उसके परिवार को इस बारे में पूरी सच्चाई बता दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ, सिया की मां ने दावा किया है कि सिया 18 जून को लोहगढ़ किले नहीं जाना चाहती थी क्योंकि अगले दिन उनका पारिवारिक कार्यक्रम था, लेकिन 17 जून की शाम को केतन और उसकी मां ने वीडियो कॉल पर बात करके सिया को इस ट्रेकिंग ट्रिप पर चलने के लिए मना लिया था।
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में चल रही उन खबरों को सिया के पिता प्रवीण गोयल ने पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि परिवार ने शादी के लिए चार्टर्ड विमान और पूरा महल बुक किया था। पिता ने खर्च का वास्तविक ब्योरा साझा करते हुए कहा कि शादी राजस्थान के उदयपुर में ही तय हुई थी, जहां प्रति कपल प्रति दिन का किराया लगभग 81 हजार रुपये था और कुल 70 कमरे बुक किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी का कुल खर्च 3 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि केस की जल्द सुनवाई की जाएगी और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
