धमतरी: छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां पहली बार यूरेशियन ऊदबिलाव को कैमरा ट्रैप में कैद किया गया है। यह छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है, जो कई वर्षों से ऊदबिलाव सर्वेक्षण में जुटे थे।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यूरेशियन ऊदबिलाव की उपस्थिति जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (Healthy Ecosystem) का प्रमाण है। यह दुर्लभ जलचर स्तनधारी खाद्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि क्षेत्र का जल और जंगल तंत्र अभी भी संतुलित और समृद्ध है।
इस सर्वेक्षण अभियान में जूलॉजिस्ट, बॉटनिस्ट और एनवायरनमेंट साइंटिस्ट्स सहित विशेषज्ञों की एक टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस रिकॉर्डिंग से न केवल जागरूकता बढ़ेगी बल्कि ऊदबिलाव के संरक्षण प्रयासों को भी नई दिशा मिलेगी। यह छत्तीसगढ़ के वन्य जीवन और जैव विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
