Jabalpur Bargi Dam Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में गुरुवार को हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर नौ हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय क्रूज पर कुल 29 लोग सवार थे, जिनमें से 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
इस हादसे के बाद जो चश्मदीद सामने आए हैं, उनकी आपबीती रोंगटे खड़े करने वाली है। सम्राट नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना के वक्त हवाएं बहुत तेज चल रही थीं। यात्रियों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए क्रूज चालक से उसे सुरक्षित किनारे की तरफ ले जाने का अनुरोध किया था, लेकिन चालक ने उनकी एक न सुनी। चालक नाव को बांध के बीचोंबीच ले गया, जहां तेज हवाओं के थपेड़ों के कारण संतुलन बिगड़ गया और क्रूज पानी में पलट गया।
एक अन्य चश्मदीद तुहिन ने भी चालक की लापरवाही की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लोग चिल्ला-चिल्लाकर चालक से नाव को किनारे पर खींचकर लंगर डालने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन उसने सभी चेतावनियों को अनसुना कर दिया। यहां तक कि किनारे पर खड़े गांव वाले भी इशारों से उसे खतरे का संकेत दे रहे थे, मगर चालक की जिद ने निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डाल दी।
सुरक्षा उपायों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे में बची दिल्ली की एक पर्यटक संगीता कोरी ने प्रशासन और क्रूज प्रबंधन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यात्रा शुरू होने के समय किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब क्रूज में पानी भरने लगा और खतरा सामने दिखा, तब आनन-फानन में जैकेट बांटी जाने लगीं। इस वजह से नाव पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए एक-दूसरे से जैकेट छीनने लगे, जिसके कुछ ही पलों बाद क्रूज पलट गया।
जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक चार शव पहले बरामद किए गए थे, जिसके बाद तलाशी अभियान में दो और शव मिले। राज्य मंत्री राकेश सिंह ने पुष्टि की है कि मरने वालों का आंकड़ा नौ तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि लाइफ जैकेट होने के बावजूद यात्रियों की जान क्यों नहीं बचाई जा सकी।
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्थिति की पूरी स्पष्टता सामने आ पाएगी।
