LPG Price Hike: एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। आज 1 मई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में करीब 994 रुपये तक की वृद्धि की गई है, जिसके बाद कई शहरों में इसकी कीमत 3 हजार रुपये के पार पहुंच गई है। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सिलेंडर महंगा होने का असर सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ता है। उन्होंने लिखा कि सिलेंडर महंगा नहीं होता, बल्कि रोटी और थाली महंगी होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कीमत बढ़ानी ही थी तो सीधे 1000 रुपये बढ़ा देते, 1000 में 7 रुपये कम करके भाजपा आखिर किस पर एहसान कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी और मंदी पर निंदा प्रस्ताव लाना चाहिए। उनके इस बयान को सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला माना जा रहा है।
सिलेंडर महंगा नहीं होता, रोटी-थाली महंगी होती है। ये बात वही जानता है जो ख़ुद ख़रीदकर खाता है, वो नहीं जो दूसरों के यहाँ जाकर खाता है या दूसरों की थाली से चुराता है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 1, 2026
सिलेंडर महंगा करना था तो सीधे 1000 रूपये महंगा कर देते। 1000 में 7 रुपये कम करके ये भाजपावाले किस पर एहसान कर रहे…
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गई है, जो पहले 2,078.50 रुपये थी। कोलकाता में सबसे ज्यादा 994 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद वहां इसकी कीमत 3,202 रुपये हो गई है। मुंबई में सिलेंडर अब 3,024 रुपये का हो गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 3,237 रुपये तक पहुंच गई है।
हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और आम उपभोक्ताओं को इस मोर्चे पर राहत मिली है।
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर, जिसे आम तौर पर ‘छोटू सिलेंडर’ कहा जाता है, उसके दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। इसकी कीमत में 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब यह सिलेंडर 549 रुपये की जगह 810 रुपये में मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर गैस कीमतों पर पड़ा है। वहीं विपक्ष इसे चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाने वाला फैसला बता रहा है।
