Weather Update India: देश के मौसम का मिजाज इन दिनों बिल्कुल दो विपरीत हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज धूप, चुभती गर्मी और लू का खतरा लोगों को बेहाल कर रहा है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों और कुछ मैदानी इलाकों में अचानक बदलते मौसम ने राहत की उम्मीद भी जगाई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से बेहद अहम रहने वाले हैं क्योंकि कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जबकि कुछ राज्यों में लू का कहर और ज्यादा तीखा हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है और कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। खासकर बुंदेलखंड के बांदा जैसे जिलों में पारा 42 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे लू की स्थिति गंभीर हो गई है। दिन के समय चलने वाली तेज पछुआ हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल यूपी में बारिश की कोई ठोस संभावना नहीं है, जिससे शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह जारी की है।
बिहार में अगले 48 घंटों के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
वहीं, दिल्ली में गर्मी और उमस का डबल अटैक जारी है और पारा 41 डिग्री के पार चला गया है। हालांकि, अगले दो दिनों में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन हवा की खराब गुणवत्ता और उमस भरी गर्मी से फिलहाल पूरी तरह निजात मिलती नहीं दिख रही है।
राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे भीषण हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, आज से सक्रिय हो रहे एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश की बात करें तो भोपाल, नर्मदापुरम और धार सहित करीब 8 जिलों में गर्म हवाओं के थपेड़े चलने का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का बिल्कुल अलग रूप देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तेज हवाओं, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वहां तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बढ़ेगा।
दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और नागालैंड जैसे राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। यहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, जो गर्मी से तो राहत देगा लेकिन जान-माल के नुकसान की आशंका भी पैदा कर रहा है।
