धमतरी: छत्तीसगढ़ की धमतरी पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने घेराबंदी कर दो युवकों को हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थ, नकदी, एक लग्जरी स्विफ्ट कार और महंगे स्मार्टफोन्स सहित लगभग 2.29 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
इस कार्रवाई की शुरुआत मुखबिर से मिली एक गुप्त सूचना के साथ हुई थी। पुलिस को खबर मिली थी कि धमतरी बस स्टैंड के पीछे एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार, जिसका क्रमांक CG-13-C-4422 है, उसमें सवार दो युवक नशीले पदार्थ बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सूरज सिंह परिहार ने तत्काल सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी (IPS) को कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस की टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान पर दबिश दी और संदिग्धों को चारों तरफ से घेर लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10.30 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 47 हजार रुपये है। इसके अलावा मौके से 12 हजार रुपये नकद, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार, एक आईफोन 11 और एक वीवो Y31 स्मार्टफोन भी बरामद किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान धमतरी के सदर बाजार निवासी 28 वर्षीय कमर रजा और दुर्ग जिले के केला बाड़ी निवासी 26 वर्षीय मो. शोएब अख्तर के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में एक दिलचस्प लेकिन चिंताजनक कहानी सामने आई है। पता चला है कि पकड़े गए दोनों युवक पहले खुद हेरोइन के नशे के आदी थे। नशा इतना महंगा था कि इसकी नियमित खुराक के लिए भारी रकम की जरूरत थी। अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए उन्होंने नशा खरीदने के बजाय उसे बेचना शुरू कर दिया और पिछले एक साल से पैडलर के रूप में काम कर रहे थे। वे तस्करी से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल खुद के नशे की जरूरतें पूरी करने के लिए करते थे। पुलिस पिछले एक महीने से उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही थी और जैसे ही वे शिकार की तलाश में निकले, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
