Digital India New Rules: सोशल मीडिया कंपनियों की मनमानी खत्म! सरकार ने सख्त किए IT नियम, अब डेटा और कंटेंट पर होगी सीधी नजर

अगर आप WhatsApp चलाते हैं, Instagram पर रील्स डालते हैं या Facebook पर पोस्ट शेयर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार डिजिटल दुनिया में बड़ा बदलाव करने जा रही है और इसके तहत नए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।

Digital India New Rules: केंद्र सरकार डिजिटल दुनिया को और अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों में व्यापक बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियम 2021 में नए और सख्त प्रावधान जोड़ते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब सोशल मीडिया, टेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। ये नए नियम विशेष रूप से उन ‘इंटरमीडियरी’ कंपनियों के लिए हैं जो यूजर और कंटेंट के बीच माध्यम की भूमिका निभाती हैं, जिनमें व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और गूगल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

सरकार के इस कदम का सीधा असर अब आम यूजर्स पर भी पड़ेगा। नए नियमों के तहत डेटा सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब कंपनियों को न केवल यूजर डेटा सुरक्षित रखना होगा, बल्कि उसे एक निर्धारित समय तक संभालकर रखना भी अनिवार्य होगा। पहले अक्सर कंपनियां तकनीकी खामियों का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच जाती थीं, लेकिन अब उन्हें सरकार को ठोस जवाब देना होगा। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि कंपनियों को दिए जाने वाले सभी आदेश लिखित में होंगे और उनमें स्पष्ट कानूनी आधार का उल्लेख होगा।

नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘रूल-8’ में किया गया है, जिसके दायरे में अब न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट को भी लाया गया है। यह नियम अब केवल पेशेवर न्यूज पब्लिशर्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा जहां आम नागरिक खबरें साझा करते हैं। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई यूजर व्हाट्सएप पर कोई खबर फॉरवर्ड करता है या फेसबुक पर साझा करता है, तो उस कंटेंट की सत्यता और उससे फैलने वाले संभावित पैनिक को रोकने की जिम्मेदारी उस प्लेटफॉर्म की होगी। गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए अब इन कंपनियों को अधिक सतर्क रहना होगा।

इसके अतिरिक्त, शिकायतों के निपटारे के लिए बनी व्यवस्था को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है। अब एक विशेष कमेटी नियमित रूप से उन मामलों की सुनवाई करेगी जहां आचार संहिता (Code of Ethics) का उल्लंघन हुआ है। यह कमेटी न केवल शिकायतों को सुनेगी, बल्कि सीधे मंत्रालय को अपनी सिफारिशें भी भेजेगी। मंत्रालय खुद भी किसी गंभीर मामले को सीधे इस कमेटी के पास भेज सकता है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करना और भ्रामक जानकारियों के प्रवाह पर लगाम लगाना है, ताकि इंटरनेट का उपयोग करने वाले करोड़ों भारतीयों के हितों की रक्षा की जा सके।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale