उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी शुरू

नई दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।

Rain Alert for Delhi-NCR as Western Disturbance Triggers Fresh Snowfall in Himalayas
Rain Alert for Delhi-NCR as Western Disturbance Triggers Fresh Snowfall in Himalayas

नई दिल्ली: उत्तर भारत के राज्यों में आज मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। जहाँ एक ओर पहाड़ी राज्यों में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी

राजधानी दिल्ली सहित नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसके अनुसार शाम या रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का असर

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने 18 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और भारी गर्जना की आशंका जताई है। इसका असर पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में भी देखने को मिल रहा है, जहाँ आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में भी हल्की बारिश की उम्मीद है, जिससे पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।

आगामी दो दिनों के लिए विशेष सावधानी की सलाह

मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 मार्च को मौसम की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। इन दो दिनों में हवाओं की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने का अनुमान है। विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि बिजली कड़कने या तेज आंधी के दौरान पेड़ों या अस्थाई ढांचों के नीचे शरण न लें। बेमौसम की यह बारिश और तेज हवाएं फसलों के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं, इसलिए किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

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