Chaitra Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन स्नान और दान करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है। चैत्र माह में आने वाली अमावस्या को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में चैत्र अमावस्या कब है और इस दिन स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
चैत्र अमावस्या 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 18 मार्च को सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा।
चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
चैत्र अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:08 से 5:56 तक
- प्रातः संध्या: सुबह 05:32 से 06:44 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:22 से 01:11 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:47 से 03:36 तक
चैत्र अमावस्या के दिन इन चीजों का करें दान
चैत्र अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान के बाद गरीब और जरूरतमंदों को दान अवश्य करना चाहिए। इस दिन गुड़, तिल, वस्त्र, धन और अनाज का दान करना बहुत लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन चीजों का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
चैत्र अमावस्या का महत्व
पुराणों के अनुसार, सोमवार, मंगलवार या बृहस्पतिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। चैत्र अमावस्या के दिन स्नान-दान के साथ गरीब और जरूरतमंदों की सहायता करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
इसके अलावा अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
यदि कोई व्यक्ति गंगा स्नान के लिए नहीं जा पाता, तो वह घर पर स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकता है। ऐसा करने से भी गंगा स्नान के समान फल प्राप्त होने की मान्यता है।
