Rajasthan Weather Alert: राजस्थान में इस साल गर्मी ने मार्च की शुरुआत में ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी गर्म हवाओं के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भीषण ‘हीटवेव’ की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 41 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया जा सकता है, जो इस समय के सामान्य तापमान से लगभग 8 से 11 डिग्री तक ऊपर है। यह स्थिति न केवल असहज है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी और जालोर जैसे इलाकों में लू का प्रकोप सबसे ज्यादा रहने वाला है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिलानी में तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10.8 डिग्री अधिक है। इसी तरह बाड़मेर में 40 डिग्री, बीकानेर में 39.4 डिग्री और चूरू में 39.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। राजधानी जयपुर में भी पारा 37.2 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी ऊपर है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले आई यह गर्मी राजस्थान में एक लंबे और भीषण ग्रीष्मकाल की शुरुआत का संकेत है।
राहत की बात यह है कि 11 और 12 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है और राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। हालांकि, तब तक भीषण गर्मी का यह दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और हल्के सूती कपड़ों का प्रयोग करें। किसानों को भी अपनी फसलों की सिंचाई और सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने की सिफारिश की गई है।
